रायगढ़, 02 जून, 2026: छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने पुसौर क्षेत्र में रुंगटा समूह के प्रस्तावित प्लांट के लिए 2 जुलाई 2026 को लोक सुनवाई की तारीख तय कर दी है। तारीख सामने आते ही NTPC लारा से त्रस्त पुसौर ब्लॉक के ग्रामीणों ने बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
पुसौर क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि NTPC लारा प्लांट ने पूरे इलाके को बर्बाद कर दिया है। खेतों में फ्लाई ऐश की परत से सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो चुका है। 1200 भू-विस्थापित में 200 को ही नौकरी, वो भी ठेका मजदूरी। 300 से ज्यादा किसान मुआवजा के लिए आज भी भटक रहे हैं। प्लांट से कोयला चोरी के लिए इलाका बदनाम है।
ग्रामीणों ने साफ कहा कि पुसौर धान का कटोरा है। केलो डैम से सिंचाई होती है। “NTPC ने आधा बर्बाद कर दिया, अब रुंगटा आया तो बची-खुची खेती भी हाथ से चली जाएगी। ऐसे में ग्रामीणों ने हुंकार भरी है कि 2 जुलाई को जनसुनवाई में हर हाल में विरोध दर्ज कराएंगे” ।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने मेसर्स रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड के क्षमता विस्तार प्रोजेक्ट के लिए लोक सुनवाई की तारीख तय कर दी है। *2 जुलाई 2026, दिन गुरुवार सुबह 11:00 बजे* से ग्राम गढ़उमरिया, तहसील पुसौर में शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के समीप जनसुनवाई होगी।
सार्वजनिक सूचना के अनुसार कंपनी ग्राम गढ़उमरिया एवं दर्शीमुड़ा, झारसुगुड़ा-रायगढ़ रोड पर स्थित अपने मौजूदा फेरो अलॉय प्लांट को इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट में बदल रही है। प्रोजेक्ट गढ़उमरिया-दर्शीमुड़ा के खसरा नं. 8, 49, 51, 55, 56, 57, 58, 59, 60, 64, 385, 386 और दर्जनों अन्य खसरों में होगा। कुल 11.029 हेक्टेयर जमीन पर विस्तार होगा। परियोजना से गढ़उमरिया, केसला, डुमरपाली, आमापाली, नवापाली, मिढ़मिढ़ा, जकेला, झलमला, बिंजकोट, औरदा, पटेलपाली समेत दर्जनों गांव प्रभावित होंगे।


