आगाज़ न्यूज़/रायगढ़, 1जून 2026: सिंघल स्टील प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट की 6 जुलाई को होने वाली जनसुनवाई से पहले पूर्वांचल के गांवों में सियासी पारा चढ़ गया है। पतरापाली, कोतरलिया समेत 20 गांवों के ग्रामीण अब प्लांट का विरोध नहीं, बल्कि ‘प्लांट लगाने की गारंटी’ मांग रहे हैं।
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्वांचल में जितने भी प्लांटों ने जमीन अधिग्रहण किया, वे सब भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही हुआ। लेकिन जेएसडब्ल्यू स्टील और वीज़ा स्टील जैसे बड़े प्लांटों ने सालों बाद भी प्लांट नहीं लगाया।
ग्रामीणों के मुताबिक सिर्फ जेएसडब्ल्यू ने करीब 1000 एकड़ और वीज़ा स्टील ने 500 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहण कर बंधक बना रखी है। इन हजारों एकड़ जमीन के अधिग्रहण से क्षेत्र का कृषि रकबा घट गया। न खेती बची, न प्लांट लगा, न रोजगार मिला।
ग्रामीणों में भाजपा सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार ने न तो प्रभावितों को अधिग्रहित जमीन वापस करवाई और न ही प्लांट स्थापित करने के लिए कंपनियों पर कोई दबाव बढ़ाया। “जमीन हमारी गई, फायदा कंपनी को हुआ, और हम बेरोजगार हो गए” – ग्रामीणों का आरोप है। इसी डर के चलते अब सिंघल स्टील के 1000 एकड़ के नए प्रोजेक्ट पर ग्रामीण प्लांट प्रबंधन और प्रशासन से लिखित गारंटी मांग रहे हैं।
राजनीतिक रंग तेज, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
जनसुनवाई से पहले यह मुद्दा सियासी रंग ले रहा है। विपक्ष ने इसे ‘भाजपा की उद्योग-परस्त नीति’ बताकर घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष शाखा यादव का कहना है कि भाजपा सरकार केवल उद्योगपतियों के हित को देखती है उन्हें किसानों और बेरोजगारों की चिंता नहीं है। जो उद्योग प्लांट नहीं लगा रहा उन्हें प्रभावितों की जमीन वापस करनी होगी।
वहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष अरुणधर दीवान से इस बारे में पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।



