रायगढ़। मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी 28 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालेगी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगी। यह कार्यक्रम ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी और शाखा यादव ने जिले के समस्त पदाधिकारी तथा समस्त ब्लॉक के जिला पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं कार्यकर्ताओं से अपील की है कि अनिवार्य रूप से सभी 28 सितंबर को होने वाले मार्च में शामिल हो। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची की विश्वसनीयता लोकतंत्र की बुनियाद है। ऐसे में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब मिलना आवश्यक है। हाल ही में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ निर्णयों एवं आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। ये आपत्तियां एसआईआर, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, फार्म-6 और निर्वाचन संबंधी आई टी व्यवस्था जैसे मुद्दों से जुड़ी बताई गई हैं।
कांग्रेस के दोनों जिला अध्यक्षों ने कहा कि इन रिपोर्टों के बाद निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों की स्वतंत्र और पारदर्शी समीक्षा जरूरी हो गई है। उन्होंने मांग की कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच, प्रभावित मतदाताओं को सुनवाई एवं अपील का अवसर तथा निर्वाचन आयोग की आई टी एवं डेटा व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराई जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 28 सितंबर का विरोध मार्च किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष से अधिक मतदाता के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता का सवाल उठाने का माध्यम है। उन्होंने कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ब्लॉक, मंडल, प्रकोष्ठ एवं मोर्चा-संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। कांग्रेस द्वारा ज्ञापन के माध्यम से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी रखी जाएगी।

