
रायगढ़, 7 मई 2026/ रायगढ़ शहर के ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र गजमार पहाड़ मंदिर भव्य पर्यटन स्थल बनेगा। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने यहां प्रस्तावित 51 फीट ऊंची भव्य कांस्य बजरंगबली प्रतिमा स्थापना के लिए विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, श्री अरुणधर दीवान, श्री गुरूपाल भल्ला, सामाजिक संगठनों के सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। भूमिपूजन कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौराऩ मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयघोषों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा भक्तिमय वातावरण बना रहा।
पूजा-अर्चना के पश्चात विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ केवल औद्योगिक और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने कहा कि गजमार पहाड़ पर स्थापित होने जा रही 51 फीट ऊंची कांस्य बजरंगबली प्रतिमा रायगढ़ के लिए गौरव का विषय होगी। लगभग 10 टन वजनी यह प्रतिमा जनसहयोग से निर्मित की जाएगी, जो शहरवासियों की आस्था और सहभागिता का प्रतीक बनेगी।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पहाड़ मंदिर पहले से ही श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अब भव्य प्रतिमा स्थापना के बाद यह स्थल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। इससे न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन, रोजगार और छोटे व्यापारों को भी नई गति मिलेगी। धार्मिक स्थलों का विकास केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करता है। उन्होंने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से बनने वाली यह प्रतिमा समाज की सामूहिक शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक होगी। श्रद्धालुओं में इस भव्य प्रतिमा को लेकर विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता निभाई।


