रायगढ़, 30 सितंबर 2026 |
एसईसीएल की बरोद ओपन कास्ट कोल माइंस विस्तार परियोजना की पर्यावरणीय जनसुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। छाल खदान की जनसुनवाई 29 सितंबर को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब सबकी नजर बरोद-पेल्मा बेल्ट की इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई पर है।
तमनार ब्लॉक में प्रस्तावित इस परियोजना में बरोद, पेल्मा, मुरगा, उरबा, चितवाही, कुंजेमुरा, मड़वाडूमर, आमगांव और बरपाली सहित 9 गांव प्रभावित हो रहे हैं। करीब 2077 हेक्टेयर क्षेत्र में 15 मिलियन टन सालाना कोयला उत्पादन का लक्ष्य है।
ग्रामीणों की 3 बड़ी मांगें –
1. पुराने भू-अर्जन (1963-64 से लंबित) का पूरा मुआवजा और SECL में रोजगार
2. एक समान पुनर्वास नीति और घर के बदले घर
3. जल, जंगल, खेती और पर्यावरण सुरक्षा की गारंटी
पिछली बार 21 अगस्त और 25 सितंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई ग्रामीणों के विरोध के कारण स्थगित हो गई थी। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर कहा था कि पहले लंबित मांगें पूरी हों, फिर जनसुनवाई हो। इस बार प्रशासन ने लिखित आश्वासन के बाद 1 अक्टूबर की नई तारीख तय की है।
प्रशासन ने जनसुनवाई स्थल पर सुरक्षा और टेंट की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

