रायगढ़।
‘ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी’ सहित विभिन्न दुर्लभ रोग पीड़ितों के उपचार की गुहार तथा दिल्ली में 3 दिवसीय देशव्यापी जागरूकता अभियान प्रारंभ हो रहा है। जिस संबंधी अभिभावकों के समन्वयक हेमंत हंसराज-छत्तीसगढ़, माधुरी पटेल, रत्नेश सिंह-दिल्ली, रामगोपाल शर्मा-राजस्थान, अखिलेश त्रिपाठी-उत्तर प्रदेश, घनश्याम कुमार-बिहार, मंगेश –महाराष्ट्र, अजय कुमार-पंजाब, रविंद्र कुमार-पश्चिम बंगाल, अरुण कुमार-कर्नाटक, दीपक जोशी -उत्तराखंड ने बताया कि डी एम डी अत्यंत गंभीर अनुवांशिक प्रगतिशील मांसपेशियों की कमजोरी वाली बीमारी है जिसमें बच्चे छोटी आयु में ही व्हीलचेयर पर निर्भर हो जाते हैं तथा स्वयं के हाथों से पानी पीना तक नहीं कर पाते हैं इतना ही नहीं संपूर्ण इलाज नहीं मिलने से 20 वर्ष की आयु में मौत हो जाती है तथा आहत परिवार आत्महत्या के मार्ग को चुनता है इसलिए सरकार विदेशी – स्वदेशी उपचार को निशुल्क दे वहीं अन्य प्राथमिक सुविधाएं भी प्रमुखता से मुहैया कराए|
इसी तरह भारत के 26 राज्यों से अभिभावक बच्चों सहित दिल्ली के जंतर मंतर पर जागरूकता अभियान कर रहे हैं जिसमें 2 से 4 अप्रैल तक जंतर मंतर समक्ष बैठक, राष्ट्रपति भवन, कनॉट प्लेस, इंडिया गेट आदि पर लाइव डिबेट होगी तथा स्वास्थ्य – परिवार कल्याण मंत्रालय को ज्ञापन, मृत बच्चों की स्मृति में कैंडल लाइट श्रद्धांजलि देकर प्रधानमंत्री – विपक्ष नेताओं को ज्ञापन सौंपने वहीं विपक्षी सांसदों, संगठन – वेलविशर संघ भेंटवार्ता करके पीड़ितों की समस्या को उजागर करने, इलाज हेतु आवश्यक कदम उठाने का प्रयास होगा।