रायगढ़। अब बिना अतिरिक्त अधिभार शुल्क के नगर निगम क्षेत्र के निवासी 30 अप्रैल 2025 तक संपत्ति कर जमा कर सकेंगे। शासन ने अंतिम तिथि 31 मार्च की जगह 30 अप्रैल यानी एक महीना बढ़ा दिया है।
वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक का होता है। इसने यदि पूर्व का टैक्स जमा है, तो जारी वित्तीय वर्ष में टैक्स जमा करने पर 31 जुलाई तक 6 प्रतिशत, 31 अक्टूबर तक 4 प्रतिशत की छूट निगम प्रशासन द्वारा दी जाती है। इसके बाद संपत्तिकर जमा करने पर किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाती है। शासन के निर्देशानुसार 31 मार्च तक निगम प्रशासन के राजस्व विभाग द्वारा संपत्ति कर समेकित कर जमा लिया गया। इसके बाद से बकाया संपत्ति कर जमा करने पर 6 प्रतिशत अधिभार शुल्क लगाने का प्रावधान है। शासन ने 31 मार्च अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 कर दिया है, यानी अब 30 अप्रैल तक संपत्ति कर जमा करने वाले करदाताओं को किसी भी प्रकार का अधिभार के रूप में अतिरिक्त शुक्ल नहीं देना होगा। इससे 31 मार्च तक संपत्ति कर जमा नहीं कर पाने वाले बकायादार करदाताओं को 6 प्रतिशत लगने वाले अतिरिक्त अधिभार शुल्क की बचत होगी। शासन द्वारा अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाने के संबंध में पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में कहा गया है कि 2024-25 में लोकसभा निर्वाचन, निकायों का परिसीमन, मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य तथा स्थानीय निकायों के निर्वाचन में आचार संहिता प्रभावी रही। निर्वाचन कार्य में निकायों के अधिकारी-कर्मचारी भी संलग्न रहे। इससे भी संपत्ति कर वसूली आदि कार्य प्रभावित रहा। इसे देखते हुए ही शासन द्वारा अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 को बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 कर दिया गया है। शासन द्वारा जारी पत्र में राजस्व विभाग के कर्मचारियों को डोर-टू-डोर जाकर संपत्ति कर जमा लेने एवं करदाताओं को ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।
बढ़े हुए समय का लें लाभ
निगम कमिश्नर श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि शासन द्वारा संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि को एक माह बढ़ाकर 30 अप्रैल निर्धारित कर दिया गया है। उक्त अवधि तक संपत्ति कर जमा करने पर 6 प्रतिशत लगने वाला अतिरिक्त अधिभार शुल्क अब नहीं लगेगा। उन्होंने निगम क्षेत्र के समस्त बकायादार करदाताओं को बढ़े हुए अतिरिक्त समय का लाभ लेने और संपत्ति कर जमा कर 6 प्रतिशत अधिभार जैसे अतिरिक्त आर्थिक क्षति से बचने की अपील की है।