रायगढ़ :- भाजपा महामंत्री विकास केडिया ने कहा कि बिजली बिल में किए गए मामूली बदलाव को लेकर कांग्रेस का विरोध केवल भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने की राजनीति है। सच्चाई यह है कि वादाखिलाफी करने वाली कांग्रेस ने वादा तो किया, पर उसका भुगतान नहीं किया। साय सरकार वादा भी निभा रही है और प्रदेश को राहत भी दे रही है। केडिया ने बताया कि साय सरकार के सारथी वित्त मंत्री ओपी चौधरी के कुशल वित्तीय प्रबंधन का नतीजा है कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड CSPDCL को ₹2174 करोड़ की सब्सिडी का बकाया कर्ज चुकाया । वादा करके भी कांग्रेस सरकार ने बिजली कंपनी को पैसा नहीं दिया, जिससे प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर वित्तीय बोझ बढ़ा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने न केवल कांग्रेस का यह बकाया ₹2174 करोड़ चुकाया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि आम जनता को बिजली सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। साय सरकार पुराना कर्ज चुका रही है, कोई नया कर्ज नहीं ले रही है। कांग्रेस ने वादे किए, साय सरकार ने जिम्मेदारी निभाई। यही दोनों सरकारों के कामकाज का मूल अंतर है।
बिजली में राहत, विकास में निरंतरता हेतु साय सरकार के आंकड़े बताए हुए केडिया ने कहा कि साय सरकार ने बिजली में आम जनता को सीधी राहत दी है।जिसके तहत 14.5 लाख परिवारों को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। गरीब और सीमित खपत वाले परिवारों पर बिल का बोझ शून्य है। 26.5 लाख परिवारों को 50% तक छूट मिल रही है। मध्यम वर्गीय परिवारों को आधी बिजली पर आधी लागत देनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि नए टैरिफ बदलाव से मध्यम वर्गीय उपभोक्ता और गरीब उपभोक्ता प्रभावित नहीं हैं। बिजली का अधिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर ही मामूली समायोजन हुआ है। कांग्रेस बिना तथ्य समझे विरोध कर रही है।
*कांग्रेस ने खोया विश्वास*
केडिया ने कहा कि घोटाले करने वाली भूपेश सरकार न केवल सत्ता में रहते जनता का विश्वास खो चुकी थी, बल्कि विपक्ष में आकर भी झूठ और भ्रम फैलाकर अपनी विश्वसनीयता और गिरा रही है। भाजपा प्रदेश में पारदर्शी शासन, वित्तीय अनुशासन और आमजन को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। बिजली में राहत, विकास में निरंतरता यही साय सरकार की प्रतिबद्धता है।

