रायगढ़, 9 अक्टूबर । पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता के अपहरण एवं लूट के सनसनीखेज मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने पहले आरोपी सुनील सारथी निवासी छातामुड़ा को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। इसके बाद लगातार दबिश, पूछताछ और घेराबंदी के जरिए मामले की साजिश का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके छोटे भाई नरेंद्र उर्फ नंदू महंत तथा ग्राम औरदा निवासी दिनेश सारथी को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर कुल ₹99,100 नकद, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस तरह पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर अपहरण और लूट की पूरी वारदात का पर्दाफाश किया।
*इवनिंग वॉक के दौरान प्रोफेसर को बनाया निशाना, चाकू की नोक पर किया अपहरण*
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी कपूर चंद गुप्ता, पिता डमरूधर गुप्ता, उम्र 47 वर्ष, निवासी ग्राम जाकेला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह गांव के डीपापारा एवं शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान महसूस होने पर वे सड़क किनारे स्थित डबरी के पास माइलस्टोन पत्थर पर बैठकर आराम करने लगे। इसी दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें घेर लिया और पकड़कर डबरी की ओर ले गए। उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई तथा पेट, गर्दन और छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें मोटरसाइकिल से दूसरे स्थान पर ले जाकर मारपीट की और मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay तथा BHIM UPI एप के पासवर्ड हासिल कर लिए।
*UPI और QR कोड के जरिए खाते से रकम ट्रांसफर कराई*
आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल से डिजिटल भुगतान की सुविधा का दुरुपयोग करते हुए एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ित के खाते की उपलब्ध ट्रांजेक्शन लिमिट समाप्त होने तक रकम निकालने की कोशिश की। इस दौरान पीड़ित को धमकाकर उसके घर फोन भी करवाया गया, ताकि परिजनों को किसी अनहोनी का संदेह न हो। रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने पीड़ित की आंखों पर दोबारा पट्टी बांधी और उसे थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी में एक कमरे में बंधक बनाकर रखा।
*पंडरीपानी में बंधक बनाकर रखा, परिजनों की सतर्कता से बची पीड़ित की जान*
इधर, पीड़ित के परिजनों को फोन पर बातचीत के दौरान संदेह हुआ तो उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों एवं ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित को सकुशल मुक्त कराकर थाने लाया गया। इसके बाद पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 256/2026, धारा 140(3), 309(6), 142 एवं 351(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
*पहले आरोपी की गिरफ्तारी से खुली साजिश की परतें, तीन अन्य आरोपी भी पकड़े गए*
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अलग-अलग टीमों के माध्यम से आरोपियों की तलाश शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए सुनील सारथी को सारंगढ़ क्षेत्र से पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अपहरण की योजना बनाने के आरोप में राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके भाई नरेंद्र उर्फ नंदू महंत तथा दिनेश सारथी की तलाश तेज की। थाना प्रभारी हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार दबिश और घेराबंदी कर तीनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने प्रोफेसर को नौकरीपेशा और सीधे-सादे व्यक्ति के रूप में देखकर उनके परिवार से आसानी से रकम ऐंठने की मंशा से वारदात की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का रिक्रिएशन भी कराया।
*तीन दिन पहले बनाई थी योजना, सुनसान स्थान पर ले जाकर वारदात को दिया अंजाम*
आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से ही सुनियोजित तरीके से साजिश रची थी। घटना से करीब तीन दिन पहले, 3 अक्टूबर 2026 को मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत और दिनेश सारथी, सुनील सारथी के छातामुड़ा स्थित घर पहुंचे थे, जहां तीनों ने मिलकर अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई। इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम तीनों आरोपी दिनेश सारथी के भाई की काले रंग की हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से ग्राम जकेला स्थित राइस मिल के पास पहुंचे। वहां उन्होंने प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता को सड़क किनारे अकेले बैठकर मोबाइल देखते हुए पाया। आरोपियों ने अपनी योजना के अनुसार अलग-अलग रास्तों से प्रोफेसर के पास पहुंचकर उन्हें घेर लिया और धक्का देकर गिराने के बाद पकड़ लिया। इसके बाद उन्हें डबरी के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर चाकू की नोक पर डराया-धमकाया तथा जान से मारने की धमकी देकर उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay और BHIM UPI एप की जानकारी हासिल कर ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़ित को मोटरसाइकिल से खरसिया क्षेत्र की ओर ले गए, जहां कुछ देर रुकने के बाद उसे ग्राम पंडरीपानी, थाना भूपदेवपुर क्षेत्र में एक सुनसान मकान में बंधक बनाकर रखा। यहां भी आरोपी पीड़ित के मोबाइल से QR कोड के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर रकम अपने परिचित महिला के खाते में ट्रांसफर कराते रहे। आरोपियों ने पीड़ित को लगातार धमकाकर परिजनों से सामान्य बातचीत भी कराई, ताकि किसी को अपहरण की जानकारी न हो सके। हालांकि, बातचीत के दौरान परिजनों को संदेह हो गया और वे तलाश करते हुए ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों एवं ग्रामीणों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी पीड़ित को छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुसौर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और तकनीकी जानकारी, पूछताछ तथा लगातार दबिश के माध्यम से पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा आरोपियों की भूमिका, डिजिटल लेन-देन और जब्त सामग्री के संबंध में आगे की विवेचना की जा रही है।
*₹99,100 नकद, मोटरसाइकिल, चाकू और मोबाइल जब्त*
आरोपियों से कुल ₹99,100 नकद बरामद किया है। इसके अतिरिक्त आरोपी राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत से एक मोबाइल फोन, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत से दो मोबाइल फोन, दिनेश सारथी से एक चाकू तथा उसकी निशानदेही पर ग्राम पंडरीपानी से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई है। जब्त सामग्री को प्रकरण में साक्ष्य के रूप में लिया गया है। आरोपी सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि शेष तीन आरोपियों राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत, दिनेश सारथी एवं नरेंद्र उर्फ नंदू महंत को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। आरोपियों में राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत का क्रिमीनल रिकार्ड रहा है, वर्ष में आरोपी हत्या के अपराध में जेल गया था ।
*कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका*
इस मामले का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रिकेन्द्र चंद्राकर, प्रधान आरक्षक चंद्रहास नायक, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, महेश चौहान, ठंडाराम गुप्ता, तारिक अनवर, महिला आरक्षक किशोरी चौहान तथा कंप्यूटर ऑपरेटर कैलाश गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही।
*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*
“अपहरण, लूट जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। पुसौर पुलिस ने 48 घंटे के भीतर अथक प्रयास से चार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की तत्परता का प्रमाण है। अपराध कर कानून से बच निकलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
*गिरफ्तार आरोपी*-
1. सुनील कुमार विशाल उर्फ सुनील सारथी पिता बरतराम विषाल उम्र 32 वर्ष साकिन छातामुड़ा वार्ड नंबर 41 थाना जूटमिल जिला रायगढ़ (छ0ग0)
2. राजेन्द्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत पिता समय लाल महंत उम्र 35 वर्ष साकिन जकेला थाना पुसौर जिला
3. नरेन्द्र महंत उर्फ नंदू महंत पिता समय लाल महंत उम्र 34 वर्ष साकिन जकेला थाना पुसौर जिला
4. दिनेश सारथी पिता पैतराम सारथी उम्र 34 वर्ष साकिन औरदा थाना पुसौर जिला रायगढ़ छ0ग0

