आगाज़ न्यूज़/रायगढ़। NTPC लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के तृतीय चरण (Stage-III) विस्तार को लेकर पुसौर क्षेत्र के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी को आपत्ति पत्र सौंपकर तृतीय चरण की पर्यावरणीय स्वीकृति पर पुनर्विचार की मांग की है।ग्रामीणों का साफ कहना है – “पहले स्टेज-1 और स्टेज-2 में किए गए वादे पूरे करो, फिर स्टेज-3 की बात करो।”
ग्रामीणों के बड़े आरोप:
स्टेज-1 की जनसुनवाई के समय NTPC ने वादा किया था कि क्षेत्र में आधुनिक अस्पताल, विशेषज्ञ डॉक्टर, सस्ती चिकित्सा और उत्कृष्ट स्कूल मिलेंगे। आज तक न अपेक्षित स्तर का अस्पताल बना, न गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था।
संयंत्र स्थापना के बाद क्षेत्र में महंगाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। फ्लाई ऐश से कृषि भूमि और जल-वायु की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्थानीय युवाओं को अपेक्षित स्तर पर रोजगार नहीं मिला। स्टेज-2 में भारी विरोध के बावजूद जनसुनवाई कर ली गई थी। ग्रामीणों को आशंका है कि स्टेज-3 विस्तार से पर्यावरणीय प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। जब तक पूर्व चरणों के सामाजिक एवं पर्यावरणीय दायित्वों का संतोषजनक पालन न हो, तब तक आगामी स्वीकृतियां स्थगित की जाएं।

ग्रामीणों की 4 मांगे
तृतीय चरण की पर्यावरणीय स्वीकृति पर पुनर्विचार किया जाए। पूर्व में किए गए वादों एवं शर्तों की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए। स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों को विधिवत दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। जब तक पूर्व चरणों के सामाजिक एवं पर्यावरणीय दायित्वों का संतोषजनक पालन न हो, तब तक आगामी स्वीकृतियां स्थगित की जाएं।
आवेदन में ग्रामीणों ने लिखा, “हम सभी क्षेत्रवासी अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के हित में यह आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।” प्रतिलिपि रायगढ़ कलेक्टर को भी भेजी गई है।
NTPC लारा का मेगा विस्तार, 16 जून को महलोई में स्टेज-3 की जनसुनवाई, 4800 मेगावाट होगा पावर प्लांट
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने NTPC लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के तृतीय चरण (Stage-III) विस्तार के लिए लोक सुनवाई की तारीख का ऐलान कर दिया है। *16 जून 2026, मंगलवार को सुबह 11:00 बजे* से ग्राम महलोई, तहसील पुसौर में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के समीप मैदान में जनसुनवाई होगी।
भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार NTPC लारा की क्षमता 3200 MW से बढ़ाकर 4800 MW की जाएगी: यह विस्तार तहसील पुसौर के ग्राम अरमुडा, छपोरा, बोडाझरिया, महलोई, रियापाली, कांडागढ़, देवलपुरा, घुटकूपाली, थेंगापाली और लारा में होगा।
ग्रामीणों का विरोध पहले से जारी
जनसुनवाई की तारीख तय होने से पहले ही पुसौर क्षेत्र के ग्रामीणों ने पर्यावरण मंडल को आपत्ति पत्र सौंप दिया है। आरोप है कि स्टेज-1 में अस्पताल, स्कूल, नौकरी के वादे पूरे नहीं हुए। फ्लाई ऐश से 5000 एकड़ खेती बर्बाद, महंगाई बढ़ी, स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिला। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक पूर्व चरणों के सामाजिक-पर्यावरणीय दायित्व पूरे न हों, स्टेज-3 की स्वीकृति स्थगित की जाए।
पुसौर क्षेत्र में 2 जुलाई को रुंगटा संस के विस्तार की जनसुनवाई है। NTPC लारा से त्रस्त ग्रामीण पहले से रुंगटा का विरोध कर रहे हैं। अब 16 जून को NTPC की जनसुनवाई में भी बड़े विरोध की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा – ‘एक NTPC ने बर्बाद कर दिया, अब विस्तार बर्दाश्त नहीं।’

