रायगढ़, 29 सितंबर 2026 |
जिंदल परिसर गेट नंबर 2 में जिंदल कर्मचारी प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार द्वारा संचालित इंडेन गैस एजेंसी में बड़े पैमाने पर सिलेंडरों की हेराफेरी उजागर हुई है। खाद्य विभाग की जांच के बाद कोतरारोड थाने में 4 लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई हुई है। जिसमें आरोपी टीकाराम पटेल – एजेंसी प्रभारी, भजराम धोबी – गैस सिलेंडर गोदाम प्रभारी, चेतन बरेठ – कंप्यूटर ऑपरेटर व आशीष गेरा – जिंदल प्रबंधन के अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जांच में क्या मिला?
कलेक्टर के आदेश पर 28 मार्च 2026 को खाद्य निरीक्षक चुड़ामणि सिदार और सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी राव ने एजेंसी का भौतिक सत्यापन किया था। स्टॉक मिलान में 633 नग भरा घरेलू (14.2 केजी), 56 नग भरा व्यावसायिक और 127 नग खाली व्यावसायिक (19 केजी) सिलेंडर कुल कीमत 10,72,150 रुपये कम पाया गया, जबकि 505 नग खाली घरेलू सिलेंडर अधिक पाया गया।
पूछताछ में प्रभारी टीकाराम पटेल और भजराम धोबी ने 505 नग खाली सिलेंडरों को 304 नग में 1-2 केजी गैस भरा होना बताया, जिसे डिफेक्टिव बताकर 4-5 साल से रखा होना कहा। लेकिन इसका कोई निराकरण रिकॉर्ड पेश नहीं कर सके।
जांच में सबसे बड़ा खुलासा उपभोक्ताओं की शिकायतों से हुआ। मौके पर मौजूद उपभोक्ता प्रसाद दीक्षित, राजेश कुमार, महेश उपाध्याय, प्रदीप कामत रामदेव तिवारी समेत दर्जनों उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने रिफिल के लिए बुकिंग की थी, पर जांच दिनांक तक सिलेंडर नहीं मिला।
जांच में पाया गया कि एजेंसी ने 1878 उपभोक्ताओं की बुकिंग को बिना सिलेंडर दिए ही ऑनलाइन में वितरण दिखा दिया, ताकि कंपनी से अगला लोड मंगाया जा सके।
सुरक्षा में भी लापरवाही
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गैस सिलेंडर भंडारण गोदाम में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं थे। गोदाम के बाहर खुले में इत्यादि पाइप पड़े मिले, बाउंड्री वॉल में मुख्य द्वार तक निर्मित नहीं था और पूरे परिसर में केवल 01 नग अग्निशमन यंत्र उपलब्ध था। अनापत्ति प्रमाण पत्र भी मौके पर नहीं मिला।

