रायगढ़ |
जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जोरापाली में एक बड़ी कॉलोनी के निर्माण में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी विवेक सिंघानिया ने एसडीएम रायगढ़ को शिकायत देकर श्री साई आनंद विहार कॉलोनी (खसरा नं. 189/1, 11, 12, 16, 21-24, रकबा 2.675 हेक्टेयर) की नगर तथा ग्राम निवेश और रेरा अनुमति को निरस्त करने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार उक्त 2.675 हेक्टेयर जमीन 22 जनवरी 2024 को तीन लोगों – सतीश अग्रवाल, दीपक सिंघल और शुभम अग्रवाल ने खरीदी थी। आरोप है कि 18 अप्रैल 2024 को महज दो खरीदारों ने दो अन्य लोगों राहुल रोहड़ा और नीरज अग्रवाल को जोड़कर श्री साई आनंद विहार नाम से भागीदारी फर्म बना ली। तीसरे मूल खरीदार दीपक सिंघल को न तो फर्म में शामिल किया गया, न उनसे हक त्याग लिया गया। इसके बावजूद पूरी जमीन पर फर्म के नाम से कॉलोनी की अनुमति ले ली गई।
तीन बड़े और गम्भीर आरोप
नगर तथा ग्राम निवेश को दिए आवेदन में पहले 20 फीट का रास्ता बताया गया, बाद में कागजों में उसे 30 फीट और फिर 24 मीटर प्रस्तावित सड़क दिखा दिया गया, जबकि मौके पर वह जमीन आवेदकों की है ही नहीं।
रायगढ़ विकास योजना 2021 में यह जमीन ग्रीन बेल्ट और आमोद-प्रमोद के लिए आरक्षित है। आरोप है कि राजस्व विभाग ने अवैध रूप से इसका व्यपवर्तन आवासीय में कर दिया।
धारा 129 के तहत पड़ोसी किसानों को बिना सूचना दिए सीमांकन किया गया। सीमांकन करने वाले राजस्व निरीक्षक अशोक साहू संबंधित मंडल के कर्मचारी ही नहीं हैं, और रिपोर्ट उस नायब तहसीलदार को सौंपी गई जिनका ट्रांसफर 13 मई 2024 को हो चुका था।
इसके अलावा लेआउट में EWS भूखंड, शासन के नाम की जमीन और नाली की जगह को कागजों पर अलग और मौके पर अलग दर्शाने का आरोप भी है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि नगर तथा ग्राम निवेश रायगढ़ द्वारा 12 जून 2024 को जारी लेआउट अनुमति और छत्तीसगढ़ रेरा द्वारा जारी पंजीयन PCGRERA310724001805 को तत्काल निरस्त कर जमीन की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई जाए, ताकि भोले-भाले खरीदार ठगी का शिकार न हों।

