रायगढ़। जिले में इन दिनों शासकीय अधिकारियों के द्वारा घूसखोरी की प्रथा चरम पर है। मोटी सेलरी पाने वाले अधिकारी अपने काम के बजाए रिश्वत पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। घरघोड़ा में एक ऐसा ही मामला इन दोनों काफी चर्चा में है। एक महिला कर्मचारी के डिलीवरी व्यय के भुगतान के लिए घरघोड़ा के उप कोषाधिकारी ने 5000 की रिश्वत हड़प ली। इसके बाद महिला के पति ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर से की है। उन्होंने घूसखोर उप कोषालय अधिकारी पर कार्यवाही की मांग की है लेकिन शिकायत के इतने दिनों बाद भी जिला प्रशासन के द्वारा घूसखोर अधिकारी के विरुद्ध किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ता राजेश कुमार पटनायक निवासी ग्राम पंचायत मुड़ागांव, थाना लैलूंगा ने बताया कि उसकी पत्नी श्रीमती सिम्मी पटनायक, सहायक ग्रेड 03, शा. उच्च. माध्य. विद्यालय घटगांव में पदस्थ है । दिनांक 26/10/2024 को मेरी पत्नी ने रायगढ़ के चिकित्सालय में सिजेरियन द्वारा हमारे बच्चे को जन्म दिया, एवं छ. ग. शासन के नियमानुसार उन्होंने चिकित्सा देयक राशि को प्राप्त करने हेतु अपने मुख्यालय में तय प्रारूप पर आवेदन जमा कराया। तत्पश्चात विधिवत उनका आवेदन मुख्यालय से प्रेषित कर सिविल सर्जन शासकीय जिला चिकित्सालय रायगढ़ को भेज दिया गया, जिसके बाद वहां से स्वीकृत कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा उप कोषालय घरघोड़ा में राशि स्वीकृत कर भेजी जानी थी।
किन्तु अपने पद का दुरूपयोग करते हुए उप कोषालय में कार्यरत उप कोषालय अधिकारी मुकेश नायक द्वारा यह कहते हुए मेरी पत्नी की क्लेम की राशि रोक दी गयी कि स्वीकृत चिकित्सा देयक राशि में पांचवा हिस्सा जो लगभग 10000/-रूपये होंगे यदि आप मुझे नहीं देंगे तो मैं आपकी राशि नहीं जारी करूंगा।
मेरी पत्नी ने मुकेश नायक से यह तक कहा कि उनके द्वारा क्लेम की गई चिकित्सा देयक राशि कुल 44425 /- (चवालिस हजार चार सौ पचीस रूपये) है जिसमें से यदि दस हजार रूपये मैं आपको दे दूंगी तो बचेगा ही क्या, क्यूंकि हमारा निवास जिला मुख्यालय से 100 Kм दूर है जिससे वहां आने जाने में ही बहुत खर्च हो चुके हैं, हमारे 17 माह के बच्चे की देखभाल के साथ साथ उन्हें अपने काम पर जाना पड़ता है, लेकिन इतने के बाद भी उन्हें 2000/- रूपये का छूट प्रदान करते हुए 8000/- रूपये किसी भी तरह देने को कहा एवं वाट्सअप के माध्यम से अपने किसी परिचित जिसका नाम खीरसागर पटेल है, का फ़ोन पे नंबर (7089182297) देकर मानसिक रूप से दबाव बनाकर जबरन उनसे 5000/- रूपये ले लिए, यह भुगतान उनके भारतीय स्टेट बैंक के खाते से किया गया है एवं साक्ष्य के रूप में बैंक स्टेटमेंट सभी वाट्सअप चैट एवं कॉल रिकॉर्डिंग के ऑडियो और वीडियो फूटेज उपलब्ध हैं जो डिजिटली शिकायत पत्र के साथ संलग्न हैं।
शिकायत कर्ता ने बताया कि इस घूसखोरी के कारण हमें घोर आर्थिक एवं मानसिक समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है।
कलेक्टर को शिकायत करते हुए कहा गया कि यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि एक सरकारी अधिकारी द्वारा दूसरे शासकीय सेवक से इस प्रकार की रिश्वतखोरी की जा रही है, जो पूरी तरह से गंभीर भ्रष्टाचार का मामला प्रतीत होता है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि उप कोषालय अधिकारी मुकेश नायक के विरुद्ध कठोर से कठोर दंडात्मक और सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए एवं उनके विरुद्ध विभागीय जाँच कराई जाये तथा मुकेश नायक के पिछले कार्यकाल (उप कोषालय में पदस्थापना के दौरान) के सभी प्रकरणो की जाँच की जाए जिससे अन्य पीड़ित व्यक्तियों की भी जानकारी मिले और इनके आय के श्रोत की भी जाच की जाए।

