रायगढ। जिले के संबलपुरी इलाके में पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। मामले की जांच तहसीलदार ने मौके पर जाकर की और अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी। इसके बाद एसडीएम ने बालाजी बिल्डकान के एक भागीदार समेत 5 लोगों को नोटिस जारी किया है। उनसे जमीन के हस्तांतरण और पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में जवाब मांगा गया है।
जानकारी के मुताबिक, एसडीएम कार्यालय से जारी नोटिस में मंगल सिंह (पिता भूजबल), पार्वती देवी (पत्नी जयनारायण बडालिया), लेखा लाठ (पत्नी प्रद्युम कुमार लाठ) और प्रद्युम कुमार (पिता रघुवीर प्रसाद) से मामले की सही जानकारी और तथ्यों के आधार पर जवाब मांगा गया है। नोटिस के मुताबिक, नायब तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि ग्राम संबलपुरी की खसरा नंबर 251 की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में छोटे-बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है। यह जमीन सरकारी है और इसका कुल रकबा 8.79 एकड़ है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, इस जमीन के एक हिस्से खसरा नंबर 251/2 का रकबा 2.023 हेक्टेयर है। राजस्व प्रकरण क्रमांक 57-अ-19-1981-82 में 8 फरवरी 1982 को आदेश जारी कर इस जमीन का पट्टा मंगल सिंह (पिता बुजबल) के नाम पर दिया गया था।
जमीन को विक्रय किया गया
नोटिस में इस बात का भी उल्लेख है कि उक्त भूमि खसरा नंबर 251-2 में से रकबा 0.809 हेक्टेयर का पंजीकृत विक्रय विलेख 2 जुलाई 1995 के तहत मंगल सिंह के द्वारा पार्वती देवी को पंजीकृत विक्रय के माध्यम से लेखा लाठ को विक्रय किया गया। उक्त भूमि का खसरा नंबर 251-2 जिसका रकबा 1.213 हेक्टेयर तथा इसके अन्य अंस भाग का खसरा नंबर 251-3 जिसका रकबा 0.405 हेक्टेयर व 251-4 जिसका रकबा 0.202 हेक्टेयर का अंतरण नोटिसी क्रमांक 3 व 4 द्वारा निष्पादित पंजीकृत विक्रय अभिलेख 14 नवंबर 2022 को किया गया है।
जमीन की खरीदी-बिक्री का मामला
नोटिस के मुताबिक, खसरा नंबर 251/2 की 0.809 हेक्टेयर जमीन 2 जुलाई 1995 को बेची गई थी। मंगल सिंह ने यह जमीन पार्वती देवी के जरिए लेखा लाठ को बेची थी। इसके बाद 14 नवंबर 2022 को भी जमीन की खरीदी-बिक्री हुई। इसमें खसरा नंबर 251/2 की 1.213 हेक्टेयर, खसरा नंबर 251/3 की 0.405 हेक्टेयर और खसरा नंबर 251/4 की 0.202 हेक्टेयर जमीन का हस्तांतरण किया गया। नोटिस के मुताबिक, यह सौदा नोटिस पाने वाले तीसरे और चौथे व्यक्ति ने पंजीकृत दस्तावेजों के जरिए किया था।
जांच में सामने आया सरकारी पट्टे की जमीन का मामला
जांच के मुताबिक, फिलहाल खसरा नंबर 251/2 की 1.213 हेक्टेयर, खसरा नंबर 251/3 की 0.405 हेक्टेयर और खसरा नंबर 251/4 की 2.202 हेक्टेयर जमीन राजस्व रिकॉर्ड में बालाजी बिल्डकान के भागीदार दीपक कुमार अग्रवाल के नाम पर दर्ज है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी रिकॉर्ड में खसरा नंबर 251/2 और उसके उपखंड 251/3 व 251/4 की जमीन मूल रूप से सरकारी पट्टे पर दी गई थी।
दस्तावेजों के साथ पेश होने का नोटिस
नोटिस में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 165(7-ख) के तहत सरकारी पट्टे या प्रशासनिक आवंटन से मिली जमीन को बेचने या किसी दूसरे के नाम करने के लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति जरूरी है। इसके लिए कलेक्टर या निर्धारित श्रेणी के राजस्व अधिकारी की अनुमति लेनी होती है। एसडीएम महेश शर्मा ने नोटिस जारी कर सभी संबंधित लोगों से लिखित में जवाब मांगा है। उन्हें जमीन की खरीदी-बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है। इसके अलावा, जमीन विक्रेताओं और बालाजी बिल्डकॉन के भागीदार दीपक डोरा से पेड़ काटने की अनुमति समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी पेश करने को कहा गया है।

