रायगढ़। तहसील रायगढ़ के ग्राम संबलपुरी में पूजा ढाबा के पास 7 एकड़ जमीन पर चल रहे अवैध काम ने प्रशासन के भूमि प्रबंधन पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रजिस्ट्री और डायवर्सन के नाम पर जमीन के चारों ओर घेराव कर दिया गया और अंदर तीन जेसीबी, पांच ट्रैक्टर और हाईवा लगाकर 10 से 15 फीट तक गहरी खुदाई कर दी गई। साथ ही कीमती पेड़ों को काट दिया गया, जबकि पेड़ कटाई की कोई अनुमति नहीं ली गई।
मामले का खुलासा वन प्रबंधन समिति संबलपुरी के अध्यक्ष शौकी लाल निषाद की शिकायत से हुआ। उन्होंने 17 सितंबर को एसडीएम रायगढ़ को लिखित में शिकायत दी थी कि संबलपुरी की जमीन पर बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं और जमीन खोदी जा रही है। शिकायत के एक महीने बाद गुरुवार को एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो शिकायत सही पाई गई।
जांच टीम ने मौके पर खसरा नंबर 251/2, 251/3, 251/4 और 252/2 पर काम होता पाया। रिकॉर्ड में इन खसरों का रकबा 2.629 हेक्टेयर है, लेकिन मौके पर करीब सात एकड़ में काम चल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मूल खसरा नंबर 251 का एक हिस्सा अब भी शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह जमीन बालाजी बिल्डर्स से जुड़ी है और मौके पर प्रज्ज्वल और कमलेश नाम के लोग काम करा रहे थे। उन्होंने जमीन को निजी बताते हुए रजिस्ट्री और डायवर्सन होने की बात कही।
लेकिन सवाल यह है कि रजिस्ट्री और डायवर्सन पेड़ काटने का लाइसेंस नहीं देता। पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग और पर्यावरण विभाग से अलग अनुमति लेनी पड़ती है। इतनी गहरी खुदाई के लिए भी खनिज विभाग की अनुमति जरूरी है।
फिलहाल राजस्व विभाग ने मौके का पंचनामा बना लिया है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि बिना अनुमति पेड़ कटाई और खुदाई पर कितना जुर्माना लगता है और शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण पर क्या कार्रवाई होती है।

