रायगढ़ 13 अक्टूबर : रायगढ़ की ऐतिहासिक, भव्य एवं विराट 14 दिवसीय महाराजा श्री अग्रसेन जयंती के सफल आयोजन के पश्चात आयोजन समिति के संयोजक अनुप बंसल ने कहा कि मैं हृदय की गहराइयों से समस्त अग्रबंधुओं, मातृशक्ति, युवाओं, बच्चों, आयोजन समिति के प्रत्येक सदस्य एवं रायगढ़ के समस्त नागरिकों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूँ।
*20 वर्षों का जुड़ाव, इस बार मिला नया अनुभव*
उन्होंने अपने जयंती के अनुभव को साझा करते हुए बताया की पिछले 20 वर्षों से मैं रायगढ़ की अग्रसेन जयंती से जुड़ा रहा हूँ, लेकिन अब तक मेरी भूमिका एक खिलाड़ी और प्रतियोगी के रूप में ही रही। इस वर्ष जब मुझे जयंती के संयोजक का दायित्व सौंपा गया, तो मुझे इस ऐतिहासिक आयोजन को करीब से जानने, समझने और आप सभी के बीच रहकर इसे अनुभव करने का अवसर मिला।
और सच कहूँ तो, दिल से एक बात कहना चाहता हूँ—रायगढ़ जैसी अग्रसेन जयंती पूरे हिंदुस्तान में कहीं नहीं होती। यहाँ जयंती केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, समर्पण, संस्कार और आपसी प्रेम का ऐसा महाकुंभ है, जिसमें हर व्यक्ति अपना समझकर जुड़ता है।
*चौदह दिनों तक उत्सव, उमंग और पारिवारिक आत्मीयता*
इन 14 दिनों में ऐसा लगा, मानो हम सब किसी बड़े पारिवारिक विवाह समारोह या उत्सव का हिस्सा हों। सुबह से देर रात तक प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न आयोजनों में हर उम्र के लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। सत्तर से अधिक प्रतियोगिताओं में अग्रबंधुओं की बढ़-चढ़कर भागीदारी और हर कार्यक्रम में आपकी उपस्थिति ने इस जयंती को अभूतपूर्व बना दिया।
विशेष रूप से शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, समाज का उत्साह, मातृशक्ति की भागीदारी और युवाओं का जोश ऐसा दृश्य था, जिसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं है। यह दृश्य हमेशा मेरी स्मृतियों में जीवंत रहेगा।
*मेरी टीम का समर्पण बना सबसे बड़ी ताकत*
मेरे लिए इस आयोजन का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पहलू मेरी पूरी टीम का समर्पण रहा। मुझे ऐसे सहयोगी मिले, जिन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्होंने उसे अपनी जिम्मेदारी समझकर तन, मन और धन से, पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निभाया। किसी को काम सौंपने के बाद दोबारा याद दिलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। प्रत्येक सदस्य अपने दायित्व को स्वयं समझता था और उसे पूरा करने में जुटा रहता था। इस निस्वार्थ भावना और आपसी विश्वास के लिए मेरे पास शब्द कम पड़ जाते हैं। मैं अपनी पूरी टीम के प्रत्येक सदस्य को हृदय से नमन करता हूँ।
*सौहार्दपूर्ण आयोजन, समाज की एकजुटता का प्रमाण*
चौदह दिनों तक इतने विशाल आयोजन का बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक संपन्न होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इसका पूरा श्रेय समाज की एकजुटता, वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन, समिति के साथियों के समर्पण और आप सभी के सहयोग को जाता है।
आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि इस जयंती की सफलता किसी एक व्यक्ति या एक समिति की सफलता नहीं, बल्कि पूरे अग्र समाज की सामूहिक उपलब्धि है। आप सभी ने मुझे जो प्यार, सम्मान और विश्वास दिया, उसने इस जिम्मेदारी को मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया।
*समाज के प्रत्येक सहयोगी का हृदय से आभार*
उन्होंने कहा मैं समस्त अग्रबंधुओं, मातृशक्ति, युवा साथियों, बच्चों, आयोजन समिति के सभी सदस्यों, सहयोगियों, प्रायोजकों, मीडिया बंधुओं एवं रायगढ़ के नागरिकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आप सभी ने मुझे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनाया, मेरे साथ कदम से कदम मिलाकर चले और हर क्षण मेरा उत्साह बढ़ाया।
*यह सफलता पूरे अग्र समाज की है: अनूप*
अनूप बंसल ने कहा कि मैं संयोजक जरूर था, लेकिन इस जयंती की असली ताकत आप सभी थे। आपका विश्वास मेरी शक्ति बना, आपका सहयोग मेरी प्रेरणा बना और आपका प्रेम मेरी सबसे बड़ी पूँजी बन गया।
मेरे लिए यह केवल 14 दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनभर संजोकर रखने वाली एक खूबसूरत स्मृति है। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे अपने समाज की इस अद्भुत एकता और समर्पण को इतने करीब से देखने का अवसर मिला।
एक बार फिर आप सभी को हृदय से धन्यवाद एवं साधुवाद। आशा है कि हमारा यह प्रेम, विश्वास और एकता सदैव बनी रहेगी तथा महाराजा श्री अग्रसेन जी के आदर्शों पर चलते हुए हम समाज और रायगढ़ को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

