रायगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि लेकर मकान अधूरे छोड़ने वाले हितग्राहियों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के अंतर्गत लंबे समय से अधूरे पड़े आवासों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एसडीएम को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा 30 सितंबर 2026 तक मकान पूर्ण करने के निर्देश के बावजूद निर्माण अधूरा रहने पर अब शेष राशि जारी नहीं होगी। वहीं, योजना की राशि प्राप्त करने के बाद भी मकान का निर्माण नहीं कराने वाले हितग्राहियों से नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
*87 मकान पूरे, 134 अब भी अधूरे*
समीक्षा बैठक में सामने आया कि निर्धारित समय-सीमा में आवास पूर्ण करने के निर्देशों के बाद 87 हितग्राहियों ने अपने मकान पूर्ण कर लिए हैं, लेकिन अभी भी 134 हितग्राहियों के आवास विभिन्न निर्माण स्तरों पर अधूरे हैं। योजना के तहत स्वीकृति मिलने के लगभग आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी इन मकानों का पूरा नहीं होना गंभीर स्थिति है। आयुक्त श्री क्षत्रिय ने लंबित आवासों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*राशि मिली, फिर भी आठ साल में नहीं बने मकान*
योजना 1.0 के अंतर्गत अधूरे आवासों में 45 मकान फाउंडेशन स्तर, 74 लिंटल स्तर और 15 रूफ स्तर पर अटके हुए हैं। शासन की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद इन आवासों के लिए आगे राशि जारी नहीं की जाएगी। आयुक्त श्री क्षत्रिय ने स्पष्ट किया कि योजना की राशि का उपयोग आवास निर्माण के उद्देश्य से होना चाहिए। राशि प्राप्त करने के बाद भी निर्माण नहीं कराने वाले हितग्राहियों के मामलों में नियमानुसार वसूली सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
*पीएम आवास 2.0 के 504 हितग्राहियों को एक सप्ताह का समय*
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की भौतिक प्रगति पर भी आयुक्त श्री क्षत्रिय ने असंतोष व्यक्त किया। नवीन स्वीकृति प्राप्त 504 हितग्राहियों को एक सप्ताह के भीतर भवन अनुज्ञा प्राप्त कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को स्वीकृति के बाद की प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कराने और प्रगतिरत आवासों में निर्माण की गति बढ़ाने के लिए कहा गया।
आयुक्त श्री क्षत्रिय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत मकानों की नियमित निगरानी करने तथा निर्माण में अनावश्यक देरी करने वाले प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई सबंधित अधिकारीयों को निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने पात्र हितग्राहियों को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराना योजना का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए एक ओर पुराने अधूरे आवासों के मामलों में जवाबदेही तय करने, वहीं दूसरी ओर नए स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की बात कही गई।

