रायगढ़। धरमजयगढ़ में महिला समूह के नाम पर एक ही परिवार तीन-तीन राशन दुकान का संचालन कर रहा था। करीब 15 सालों से इंदिरा महिला स्व सहायता समूह द्वारा ग्राम बंधनपुर, लिप्ती और कपू में राशन दुकान चलाई जा रही थी। अवैध रूप से दुकान संचालन और हितग्राहियों को हो रही परेशानियों की शिकायत आई तब विभाग ने कार्रवाई की है और समूह से तीनों राशन दुकान छीनकर निलंबित कर दिया है ।
जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत बंधनपुर, लिप्ती और कपू में पीडीएस दुकान संचालक पिछले 15 सालों से एक ही महिला और उसके परिवार के द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में संचनालय में भी शिकायत भेजी गई थी, शिकायत के अनुसार उक्त तीनों पीडीएफ दुकान इंदिरा महिला सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा था। इस समूह में शामिल महिला वर्तमान में मृत हो चुकी है। इसके बाद भी पिछले 15 सालों से तीनों ही दुकानों को मंजू पति जगदीश कुर्रे और उसके बच्चों द्वारा संचालित किया जा रहा था और समूह को मिलने वाले लाभ कमिशन को अकेले ही लिया जा रहा था। शिकायत के अनुसार इसके द्वारा न सिर्फ फर्जी रूप से दुकान चलाया जा रहा था बल्कि अपने बंधनपुर स्थित मकान में नान के ट्रांसपोर्टर शुक्ला के साथ मिलकर दूसरे उचित मूल्य दुकान के संचालकों को बेवकूफ बनाकर उनके आवंटन में भी चोरी कर अपने घर को भंडारण करने का काम किया जा रहा था। मंजू कुर्रे के बंधनपुर स्थित मकान में पूर्व में अवैध रूप से मिले खाद्यान्न को जप्त किया गया था लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। मंजू कुर्रे द्वारा 2024 में राशन कार्ड में आवंटित चना को भी ना देकर उसे मार्केट में बेचा गया है। महिला समूह की इस शिकायत के बाद विभाग ने कार्रवाई की है और समूह द्वारा संचालित तीनों दुकानों को निलंबित कर दिया है। फूड इंस्पेक्टर मनोज सारथी ने बताया कि तीनों दुकान निलंबित कर नजदीक के गांव में अटैच कर दी गई है।