रायगढ़। नगरनिगम चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद सभापति की तलाश पार्टी ने शुरू कर दी है। वैसे तो सभापति का चुनाव पार्टी को ही करना है लेकिन इस बार लगातार अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा चेहरे भी सभापति की रेस में शामिल हो गए हैं जिसमें वार्ड 48 के भाजपा पार्षद महेश शुक्ला का नाम प्रमुखता से जुड़ गया है।
पंचायत से लेकर शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद से बोईरदादर जैसे बड़े एरिया का प्रतिनिधित्व करने वाले महेश शुक्ला किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। इनकी जीत और लोकप्रियता का लोहा पार्टी भी मानती है। यही कारण है कि पार्टी के आला नेता उन्हें अपने वार्ड के अलावा अन्य वार्ड के चुनाव जितवाने का भी दायित्व देते देखे जाते है। पार्टी के नेताओं का आदेश और पार्टी के प्रति सहृदयता रखने वाले महेश शुक्ला को जो भी दायित्व दिया गया उसे उन्होंने बखूबी निभाया। सत्ता हो या न हो अपनी लोकप्रियता के बलबूते महेश पार्टी को जीत दिलाने के साथ लोगों के प्रति भी उतनी ही ईमानदारी रखते हैं। तभी तो वे हर चुनाव बगैर सिकन लड़ और जीत जाते हैं। उनकी लगातार जीत स्वाभाविक ही उन्हें सभापति के दावेदारी के योग्य बनाती है। सूत्रों की माने तो इस बार अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद महेश ने रायगढ़ भाजपा के आला नेताओं के पास सभापति के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है।
पिछले चार दशक से भाजपा की राजनीति में सक्रिय महेश शुक्ला की रायगढ़ में पहचान भाजपा के एक कर्मठ नेता, कार्यकर्ता व चुनावी रणनीति बनाने के माहिर खिलाड़ी के साथ साथ सामाजिक कार्यों के लिए है ।
महेश शुक्ला समय समय पर भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रह चुके हैं और पार्टी ने उन्हें जो भी दायित्व सौंपा है उसका कुशलता पूर्वक निर्वहन किया है । कांग्रेसी दौर में भी उन्होंने भाजपा के संघर्ष की मशाल जलाए रखी थी । महेश समाज के विभिन्न वर्गों में अच्छा खासा दखल रखते हैं साथ ही भाजपा के सभी नेताओं के प्रिय भी हैं।