रायगढ़। रायगढ़ विधायक व वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस द्वारा प्रदेश भर में किए जा रहे आर्थिक नाकेबंदी को लेकर कड़ा प्रहार किया है उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवारवाद के लिए काम करती है, जो सबको पता है। उन्होंने कहा की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने पुत्र को बचाने के लिए कांग्रेस का उपयोग कर रहे हैं, ईडी पर तोहमत लगा रहे हैं। जबकि ईडी ने करोड़ों के शराब घोटाला उजागर किया है। जिसमें सीधे तौर पर भूपेश बघेल के पुत्र शामिल है। इसलिए उन्हें पुलिस कस्टडी में ली गई है। आर्थिक गड़बड़ी करने के बाद कांग्रेस का आर्थिक नाकेबंदी करना समझ से परे है। भूपेश बघेल अपने पुत्र को बचाने के लिए कांग्रेस का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने अदानी पावर के खदान आबंटन को लेकर भी कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय अदानी को पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की गई। लेकिन अब अदानी का विरोध करके भाजपा पर दबाव बनाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। यह आम जनता को भी समझ आ रहा है।
जिला भाजपा कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस के लोग परिवारवादी विचारधारा से काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में जिन मामलों लेकर कांग्रेस हंगामा कर रही है उसको लेकर ओपी चौधरी ने कांग्रेस से पांच पूछे है।
क्या भूपेश बघेल जी के शासनकाल में 16 अक्टूबर 2019 को अदानी की जनसुनवाई नहीं कराई गई थी?
क्या 31 मार्च 2021 को, गारे पेलमा सेक्टर-2 के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की सिफारिश तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने नहीं किया था?
क्या 19 अप्रैल 2022 को, कांग्रेस के भूपेश बघेल जी की सरकार रहते हुए, फॉरेस्ट क्लीयरेंस (स्टेज वन) की स्वीकृति की सिफारिश नहीं की गई थी?
क्या 23 जनवरी 2023 को, ‘फॉरेस्ट क्लीयरेंस'(स्टेज 2) की सिफारिश भूपेश बघेल जी की कांग्रेस सरकार रहते हुए नहीं की गई थी?
क्या महाराष्ट्र में महाराष्ट्र स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के द्वारा अडानी ग्रुप को एमडीओ बनाया गया था तब उस समय कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार वहां नहीं थी?
ओपी ने कहा कि कांग्रेस को उनके इन सवालों का जवाब देना चाहिए। ओपी ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि पांच साल में कांग्रेस ने विकास की बजाए केवल भ्रष्टाचार किया। जबकि भाजपा लगातार विकास कर रही है।



