रायगढ़। खरसिया विकासखंड के तुरेकेला सहकारी समिति में इन दिनों बड़ी गजब स्थिति चल रही है। पहले इस समिति में प्रबंधक के रूप में काम करने वाले व्यक्ति ने करोड़ों रूपए के घोटाले को अंजाम दिया, जिसके बाद उस पर अपराध कायम हुआ और उसे समिति प्रबंधक के पद से हटा दिया गया। फिर सहकारिता विभाग द्वारा उसके बेटे को प्रबंधक के पद पर नियुक्ति करा दी गई। ऐसे में ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत करते हुए अनुविभागीय अधिकारी खरसिया को शिकायत पत्र सौंपा है और फर्जी तरीके से इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष तुरेकेला आदिम जाति सहकारी समिति प्रबंधक तिहारू राम जायसवाल ने वर्ष 2024-25 की धान खरीदी में 33 हजार 389 बोरी मतलब करीब 89 हजार 55 क्विंटल धान की हेरा फेरी की थी। इसके साथ ही समिति में उपलब्ध बारदानों के विरूद्ध 9 हजार 867 नग नए बारदाने तथा मिलर्स के पुराने बारदाने 6 हजार 376 नग अधिक पाए गए थे। जिसके आधार पर प्रबंधक तिहारूराम जायसवाल के विरूद्ध खरसिया थाना में हेरा फेरी करने को लेकर अपराध पंजीबद्ध किया गया और उसे प्रबंधक के पद से हटा दिया गया। जिसके बाद इस मामले की पूरी जानकारी विभागीय अधिकारियों क ो होने के बाद भी इस पद के लिए योग्यता के अनुरूप उसके अनुभवहीन पुत्र डमरू जायसवाल को आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तुरेकेला का प्रबंधक नियुक्त कर दिया गया। इसी नियुक्ति को लेकर ग्रामीण अब सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो जिस व्यक्ति ने शासन की आंखों में धूल झोंक कर करोड़ों का घोटाला किया, उसी के बेटे को प्रबंधक की जिम्मेदारी दे दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि डमरू जायसवाल को प्रबंधक पद पर काम करने का अनुभव नहीं है, जबकि इस पद के लिए अनुभवी व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाती है। यही वजह है कि डमरू जायसवाल की नियुक्ति को निरस्त करने की मांग करते हुए ग्रामीणों सहित समिति के सदस्यों ने अनुविभागीय अधिकारी खरसिया को शिकायत सौंपा है।
00 नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों का हुआ उल्लंघन
ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि डमरू जायसवाल की नियुक्ति की प्रक्रिया में नियमों को पूरी तरह से दरकिनार किया गया है, ना तो उसे कोई अनुभव है और ना ही उसकी योग्यता। फिर भी उसे किस आधार पर नियुक्ति दी गई है, यह जांच का विषय है। इस नियुक्ति के बाद यह भी साबित होता है कि आमजनता की आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया है। वहीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
00 नियुक्ति मिली बेटे को, काम कर रहा पिता
इस मामले में मुख्य बात यह है कि फर्जी तरीके से की गई इस नियुक्ति के बाद से ही डमरू जायसवाल न तो कभी समिति आया और ना ही उसने कोई काम किया, बल्कि उसके जगह पर उसका पिता तिहारूराम समिति प्रबंधक की हैसियत से काम कर रहा है। लगातार नियमों की अवहेलना होने के बाद भी इस मामले में अधिकारियों ने आंख मंूद ली है। यही वजह है कि ग्रामीणों में इस मामले में कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश व्याप्त है।



