रायगढ़। उद्योग नगरी में जिला मुख्यालय में बढ़ती आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर निगम को 4 जोन में बांटने का प्रस्ताव बनाया गया था। बीते साल एमआईसी ने इसे हरी झंडी भी दे दी लेकिन नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रक्रिया अटका रखी है। जिससे मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
रायपुर बिलासपुर और भिलाई की तरह तेजी से बढ़ते रायगढ़ शहर को भी जोन में बांटने का प्रस्ताव बनाया गया था। पेयजल सप्लाई से लेकर सडक़ों व नालियों की सफाई,डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और नगर निगम के बाकी कार्यों की सही तरीके से मानिटरिंग करने के लिए शहर के 48 वार्डों को 4 जोन में बांटने का प्रस्ताव बनाया गया था। ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सके और शासकीय कार्यों की सही तरीके से मानिटरिंग हो सके। महापौर जीवर्धन चौहान की एमआईसी ने 28 मार्च 2025 को इस संबंध में प्रस्ताव भी पास किया था और शहर को कोतरा रोड,चक्रधर चौक,केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड चौक और कबीर चौक के नाम से 4 जोन में बांटने के लिए हरी झंडी दे दी थी। इसके लिए बकायदा सेटअप तैयार कर और संपूर्ण जानकारी तैयार कर नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी गई थी लेकिन करीब 11 महीने बाद भी नगरीय प्रशासन विभाग ने इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया है। जिससे शहर को उसकी जरूरत के हिसाब से जोन में बांटने का हक नहीं मिल पा रहा है।
एमआईसी ने ऐसा बनाया था प्रस्ताव
शहर की बढ़ती आबादी और जरूरत को देखते हुए एमआईसी ने जोन में बांटकर काम करने का प्रस्ताव बनाया था। इसके अनुसार कोतरा रोड जोन में वार्ड क्रमांक 1,2,3,4,14,15,16,18,39,40,43,44 व 45 शामिल थे। इसी तरह केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड जोन में वार्ड क्रमांक 5,6,7,8,9,10,11,12,13,17,19,20 व वार्ड क्रमांक 26 शामिल थे। जबकि चक्रधर चौक जोन में वार्ड क्रमांक 21,22,23,24,25,26,27,28,47 व वार्ड 48 शामिल थे। जबकि कबीर चौक जोन में वार्ड क्रमांक 29,30,31,32,33,34,35,36,37,38,41 व वार्ड क्रमांक 42 शामिल थे।


