रायपुर/खरसिया विधायक उमेश पटेल ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न के दौरान रायगढ़ जिला में हो रहे अवैध फ्लाईऐश डंपिंग के कारण हो रहे पर्यावरणीय क्षति के मामला को विधानसभा में जोर शोर से उठाया और पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी को घेरा। विधायक पटेल ने कहा कि मंत्री जी अपने जवाब के परिशिष्ट में क्रमांक 16 पर जवाब दिया है कि 23 अप्रैल 2025 को खरसिया ब्लाक के ग्राम चोंढ़ा और बानीपाथर में अवैध फ्लाईऐश डंपिंग की शिकायत हुआ और इसका निराकरण 16 दिसंबर 2025 को किया गया। विधायक पटेल ने पूछा कि एक शिकायत पर लगभग 8 महीने का समय क्यों लगा। जिस पर मंत्री जी ने विलंब का जवाब न देकर केवल कार्यवाही करने का जवाब दिया तब विधायक पटेल ने बताया कि शीतकालीन सत्र में यही प्रश्न 17 दिसंबर 2025 को लगा था इसलिए 16 दिसंबर को निराकरण किया गया नही तो और विलंब होता। विधायक पटेल ने आगे बताया कि ग्राम धनागर, चोंढ़ा, बानीपाथर और बोतल्दा के पास अभी भी फ्लाईऐश डंप पड़ा है जिसका जिओटेक के साथ फाटो उपलब्ध है और पर्यावरण विभाग के अधिकारी मंत्री को गलत जानकारी दे रहे हैं इस पर क्या कार्यवाही करेंगे। जिस पर मंत्री ओ.पी. चौधरी ने निरोत्तर होकर कांग्रेस शासन की बात कर गोल मोल जवाब दिया। आगे विधायक पटेल ने पूछा कि रायगढ़ में हर साल कितना मीट्रिक टन फ्लाईऐश का उत्पादन होता है कितना डंप होता है और निपटान के लिए कितने हेक्टेअर भूमि की आवश्यकता है जिस पर पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी उत्तर न देकर अन्य विषयो में बात करने लगे। जिससे विधायक उमेश पटेल सहित पूरे विपक्ष के विधायकों ने गोल मोल जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वाक आउट कर दिया। इस तरह फ्लाईऐश के महत्वपूर्ण विषय पर विधानसभा में विधायक उमेश पटेल ने सरकार को जमकर घेरा।



