रायगढ़। जिले के तिलाइपाली में NTPC के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। मांगों का समाधान नहीं होने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और मिनी स्टेडियम में प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि 25 जनवरी से चार पंचायतों के 8 गांवों के लोग लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
दरअसल, इस आंदोलन में तिलाईपाली, कुधुरमौहा, नयारामपुर, बिच्छीनारा, चोटीगुड़ा, साल्हेपाली, अजीतगढ़ और रायकेरा गांव के ग्रामीण शामिल हैं। 31 जनवरी को तहसीलदार और NTPC अधिकारी धरना स्थल पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक बिना स्पष्ट जवाब दिए वापस लौट गए।
ग्रामीणों का कहना है कि, उनका क्षेत्र संविधान की पांचवीं अनुसूची में आता है, जहां भूमि अधिग्रहण से पहले ग्रामसभा की सहमति जरूरी है। इसके बावजूद 27 नवंबर 2009 की अधिसूचना के आधार पर किसानों को बिना सूचना भूमि अधिग्रहण कर लिया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने 8 सितंबर 2015 से अधिग्रहण मानते हुए नए सिरे से मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि, कोल बेयरिंग एक्ट 1957 की धारा 13/5 का उल्लंघन कर मुआवजा तय किया गया। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि कई गांवों में मकान के बिना ही मुआवजा दिया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता कार्डधारियों को प्रति कार्ड 5 लाख रुपए देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि NTPC ने पहले जनसमस्या निवारण केंद्र खोलकर हस्ताक्षर लिए और उन्हें सहमति दस्तावेज में जोड़ दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन में मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस मामले में अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र के ग्रामीणों की 10 सूत्रीय मांगों की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और निराकरण का प्रयास किया जाएगा।



