रायगढ़। बिलासपुर डैम का एक हिस्सा बीती रात अचानक टूट गया था, जिससे रात भर में कई गांव तक पानी पहुंच गया, रात में पानी गांव तक आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया था, लेकिन इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन अलर्ट हुआ और स्थिति को नियंत्रण करने में जुट गई, लेकिन शनिवार को दोपहर तक पानी लगातार बह रहा था।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर भूपदेवपुर स्थित बिलासपुर जलाशय का निर्माण सन 1975-76 के आसपास हुआ था। जो पहाडो से घिरे बिलासपुर जलाशय में रामझरना के कुंड से निकलता हुआ पानी के अलावा आसपास के पहाडों से भी हमेशा पानी आता है, इससे यह डेम हमेशा पानी से भरा रहता है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि भूपदेवपुर, दर्री, कीरतमाल, कुशवाबहरी, डोंगीतराई, कोड़तराई के अलावा अन्य आसपास के गांव के किसानों के लिये यह डेम एक वारदान है। बिलासपुर जलाशय से पानी लेकर इस क्षेत्र के किसान धान, मुंगफली, मक्का के अलावा अन्य फसलों की खेती करते हैं। यह डेम करीब दो एकड़ में फैला है और इसकी भराव की क्षमता 3 मिलियन क्यूबिक मीटर है, वर्तमान में 2.8 मिलियन क्यूबिक मीअर पानी है, जो करीब 18 फीट गहरा है। ऐसे में शुक्रवार शाम को गांव के कुछ किसानो ने अपने धान के खेतों में पानी लाने के लिए डेम के गेट को खोलने का प्रयास किया था, इस दौरान बहाव ज्यादा होने के कारण एक हिस्सा ही टूट गया, जिससे लगातार पानी बह रहा है, ऐसे में बताया जा रहा है कि डेम से करीब एक फीट पानी बह चुका है, जिसे रोकने का प्रयास जारी है। वहीं पानी का बहाव जल्द नहीं रुका तो फसल को भी नुकसान हो सकता है।
पहले से खराब था गेट
ग्रामीणों का कहना है कि कल शाम खेत में पानी डालने के लिये गेट खोला गया था। जिससे एकाएक पानी का बहाव बढ़ गया, साथ ही गेट भी पहले से ही खराब था, जिसे बोरी डालकर बंद किया गया था, लेकिन पानी का दबाव ज्यादा होने के कारण रात में अचानक एक हिस्सा टूट गया जिससे गई गांव में पानी पहुुच गया, हालांकि सुबह पानी का बहाव थोड़ा कम हुआ है। लेकिन अभी भी सडक़ से पानी गुजर रहा है, इससे पानी से होकर वाहन भी गुजर रहे हैं।
सुधार कार्य जारी
मौके पर पहुंचे सब डिवीवन आफिसर दिलेश्वर पात्रे ने बताया कि रात में सूचना मिली कि कुछ ग्रामीणों के द्वारा गेट खोलने का प्रयास गया, जिसके बाद से लगातार पानी बह रहा है। हालंाकि देर शाम तक पानी का बहाव रोक दिया गया है।



