रायगढ़। जिले के ग्राम गेजामुड़ा में अडानी की रेलवे लाइन परियोजना को लेकर चल रहा विवाद अब ‘आर-पार की लड़ाई’ में बदल गया है। कल ही आंदोलन की अगुवाई कर रहे ऋषि पटेल की गिरफ्तारी के बाद इस बात का अंदेशा था कि पुलिस इस मामले में किसी बड़े आपरेशन की तैयारी में है। आज वही हुआ। एडिशनल एसपी के साथ ग्रामीणों की वार्ता विफल होते ही गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी पुलिस बल, बड़ी मशीनों और ‘निजी बाउंसरों’ के साये में अडानी का काम जबरन शुरू करा दिया गया है। अपनी जमीन बचाने के लिए विरोध करने पहुंचे महिलाओं और पुरुषों समेत दर्जन भर ग्रामीणों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
उल्लेखनीय रहे कि कल दोपहर आंदोलन की अगुवाई कर रहे ऋषि पटेल की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी और गांव के शताधिक ग्रामीणों ने कोतरा रोड थाने का घेराव कर दिया था, ये प्रदर्शनकारी सारी रात थाने के बाहर धरना देकर बैठे रहे और आज दोपहर तक भी यह आंदोलन जारी रहा। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता और प्रभावित ग्रामीणों के बीच कई दौर की चर्चा चली मगर प्रदर्शनकारी ग्रामीण अपनी मांग पर अडे रहे। ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट थी कि उनकी जमीन का 100 प्रतिशत मुआवजा दिया जाए और कल ‘सरकारी काम में बाधा’ डालने के झूठे आरोप में जेल भेजे गए युवक ऋषि पटेल को तुरंत दोषमुक्त कर रिहा किया जाए। लेकिन, अडानी प्रबंधन सिर्फ 50 प्रतिशत मुआवजा देने पर अड़ा रहा। कंपनी के इसी अडिय़ल रवैये के कारण वार्ता पूरी तरह विफल हो गई और ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि हम मर जाएंगे, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे। वार्ता विफल होते ही प्रशासन और कंपनी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। गांव में गाडिय़ों में भर-भर कर अडानी के ‘बाउंसर’ लाए गए। रायगढ़ के पूरे प्रशासनिक सहयोग, भारी पुलिस बल और बड़ी-बड़ी मशीनों के साथ रेल लाइन का काम सख्ती से शुरू करा दिया गया। अपने ही गांव में किसान बेबस नजर आए। अपनी आंखों के सामने पुश्तैनी जमीन छिनते देख जब ग्रामीण, महिलाएं और बुजुर्ग विरोध करने के लिए आगे आए, तो पुलिस ने अपनी सख्ती दिखाई और अपना हक मांग रहे दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों (जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं) को पुलिस ने जबरन गाडिय़ों में भरकर हिरासत में ले लिया। गांव का माहौल इस वक्त बेहद तनावपूर्ण है। पिछले दो दिनों के हालातों से प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कंपनी के काम में जो भी रुकावट डालेगा, उसका अंजाम ऋषि पटेल जैसा ही होगा।
बहरहाल इस घटना के बाद से गेजामुड़ा सहित आसपास के गांव में भी तनाव का माहौल बना हुआ है। जो कभी भी उग्र रूप ले सकता है।


