रायगढ़। नवीन सहकारी समिति घंटगांव में पूर्व में लाखों के घोटाले के आरोपी लिपिक को पदस्थापना देने की सुगबुगाहट ने ग्रामीणों को परेशान कर दिया है। ग्रामीणों ने सहकारिता विभाग के कुछ अधिकारियों पर दागी लिपिक को पदस्थापना देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है।
ग्राम घटगांव, बहामा व समस्त आश्रित ग्राम, तहसील-लैलूंगा के ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर कहा कि घटगांव क्षेत्र में इस समय भारी जनाक्रोश व्याप्त है और जनता का धैर्य जवाब दे रहा है। विश्वस्त सूत्रों से यह बेहद आपत्तिजनक जानकारी मिली है कि सहकारिता विभाग के कुछ अधिकारी एक निलंबित एवं दागी लिपिक अंकित बेहरा को नवीन सहकारी समिति घटगांव में गुपचुप तरीके से पदस्थ करने की साजिश रच रहे हैं। इस खबर के फैलते ही पूरे क्षेत्र में आग की तरह रोष फैल गया है। यह वही अंकित बेहरा है जो पूर्व में धान उपार्जन केंद्र राजपुर में लिपिक रहते हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया था। विभागीय जांच में दोष सिद्ध होने पर इसे निलंबित किया गया था। किसानों का खून-पसीना चूसने वाले ऐसे व्यक्ति को अब पुरस्कार स्वरूप नवीन मंडी में बिठाया जा रहा है यह किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। और हद तो यह है कि निलंबन बहाली के बाद इसे राजपुर भेजा गया, परंतु यह वहां ज्वाइन करने से इनकार कर रहा है और अपनी राजनीतिक पहुंच एवं ऊपरी साठगांठ के दम पर जानबूझकर घटगांव जैसी महत्वपूर्ण नवीन मंडी हथियाना चाहता है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से कहा कि स्थिति विस्फोटक है। घटगांव समिति कोई सामान्य कार्यालय नहीं है यह कई गांवों के 5000 से अधिक किसानों की जीवनरेखा है। करोड़ों का धान उपार्जन यहां से होगा। ऐसी संवेदनशील और नवीन संस्था को एक भ्रष्टाचार के आरोपी के हवाले करना सीधे-सीधे किसानों के साथ धोखा और क्षेत्र की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ होगा।
समस्त ग्रामसभा, कृषक और जनप्रतिनिधियों का एक स्वर में अल्टीमेटम है कि अंकित बेहरा के घटगांव में प्रस्तावित पदस्थापना तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए। दागी व्यक्ति को घटगांव की धरती पर एक कदम भी नहीं रखने देंगे इसका हम उग्र विरोध करते हैं। अंकित बेहरा के संपूर्ण सेवा रिकॉर्ड, निलंबन आदेश, राजपुर मंडी की जांच रिपोर्ट और भ्रष्टाचार की फाइल तत्काल सार्वजनिक की जाए।
पदस्थापना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। समिति किसानों की है इसलिए किसी भी नियुक्ति से पहले सर्वदलीय किसान समिति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लिखित सहमति अनिवार्य की जाए।
घटगांव में केवल स्वच्छ, ईमानदार और निर्विवाद छवि के अधिकारी की ही पदस्थापना हो।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन ने किसानों की इस जायज आवाज को अनसुना कर दागी व्यक्ति को घटगांव में बिठाने की गलती की, तो संपूर्ण क्षेत्र के किसान सड़कों पर उतरने को विवश होंगे। हम शांतिपूर्ण ढंग से चक्काजाम, मंडी घेराव और क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। इससे उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की संपूर्ण जवाबदारी जिला प्रशासन एवं सहकारिता विभाग की होगी।




