रायगढ़। लैलूंगा विकासखंड के कोड़ासिया क्षेत्र के समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनपद सदस्य एवं समिति से संबद्ध समस्त कृषको ने सहकारिता मंत्री, कलेक्टर व उप पंजीयक सहकारिता से कोड़ासिया समिति प्रबंधक त्रिलोचन बेहरा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया कि कौड़ासिया सहकारी समिति के प्रबंधक त्रिलोचन बेहरा द्वारा धान उपार्जन वर्ष 2024-25 में किसानों से अवैध वसूली, तौल में हेराफेरी, टोकन वितरण में भ्रष्टाचार एवं अभद्र व्यवहार किए जाने के संबंध में क्षेत्र के किसानों द्वारा कई बार लिखित शिकायतें आपके कार्यालय तथा सहकारिता विभाग को प्रस्तुत की गई हैं। उक्त शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए आपके कार्यालय के पत्र क्रमांक 7032/शि. शा./2025 दिनांक 20/08/2025 के माध्यम से तत्काल एक जांच दल का गठन कर 3 दिवस के भीतर बिंदुवार जांच प्रतिवेदन आपके समक्ष प्रस्तुत करने हेतु स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे।
लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है कि आपके स्पष्ट आदेश एवं निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के कई सप्ताह बाद भी आज दिनांक तक न तो जांच दल द्वारा कोड़ासिया समिति का स्थल निरीक्षण किया गया है, न ही किसी किसान का बयान दर्ज किया गया है और न ही कोई जांच प्रतिवेदन आपके कार्यालय को सौंपा गया है।
आपके आदेश की यह खुली अवहेलना एवं प्रशासनिक उदासीनता के कारण क्षेत्र के हजारों किसानों में भारी आक्रोश, निरासा एवं अविश्वास की भावना व्याप्त हो गई है। आरोपी प्रबंधक आज भी निर्भीक होकर पद पर कार्यरत है जबकि पीड़ित किसान न्याय के लिए भटक रहे हैं।
शिकायत में कहा गया कि समस्त सरपंचगण, बी.डी.सी. एवं पीड़ित कृषकगण का समूह आपसे कड़ा आग्रह करता है कि जांच अधिकारियों को कोड़ासिया भेजकर 48 घंटे के भीतर जांच कराई जाए नथा संपूर्ण जाच प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए। जांच प्रतिवेदन अधिकतम 3 कार्य दिवस में अनिवार्य रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए। निष्पक्ष जांच हेतु त्रिलोचन बेहरा को तत्काल प्रभाव से प्रबंधक पद से पृथक कर मुख्यालय संबद्ध किया जाए। जांच में दोष सिद्ध होने पर त्रिलोचन बेहरा के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर राशि की वसूली की जाए एवं भविष्य में किसी भी सहकारी संस्था में पदस्थ न किया जाए।
त्रिलोचन बेहरा के विरुद्ध ये थी शिकायत
मुडागांव, कोडासिया, घटगांव, बहामा, गुरुबहाल, तारागढ़, रुपड़ेगा, छापरपानी, बासडांड के किसानों ने शिकायत की थी कि धान उपार्जन केंद्र के प्रबंधक त्रिलोचन बेहरा द्वारा हम किसानों के साथ लगातार भ्रष्टाचार, प्रताड़ना की जा रही है। त्रिलोचन बेहरा द्वारा किसानों को उर्वरक (जैसे DAP एवं यूरिया की पूर्ति सही ढंग से नहीं की जा रही है। हाल ही में धान बुआई का मौसम बीत चुका है, लेकिन क्षेत्र के किसी भी किमान को DAP उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया गया । किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। उनके खातों से अवैध आहरण किया गया है। त्रिलोचन बेहरा एवं उनका पुत्र सुशील बेहरा दोनों एक ही उपार्जन केंद्र में पदस्थ है, जो सहकारी समिति एवं राज्य शासन के नियमों के विरुद्ध है।




