रायगढ़। इंडिया CSR संस्था द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में शिक्षाविद एवं समाजसेवी रामचंद्र शर्मा ने “शिक्षा और लीडरशिप” विषय पर अपने प्रेरणादायी व्याख्यान से उपस्थित जनसमूह को नई दिशा और सोच प्रदान की। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और दूरदर्शी नेतृत्व से सुनिश्चित होती है।
श्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के उद्योगों को केवल दिखाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और जमीन स्तर पर उतारना भी चाहिए ,उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि सशक्त नेतृत्व ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
कार्यक्रम का सफल आयोजन रूसैन कुमार के नेतृत्व में किया गया। सेमिनार में देश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों एवं उद्योग समूहों के प्रतिनिधि, मीडिया जगत के वरिष्ठ सदस्य, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की विशेष गरिमा उस समय और बढ़ गई जब अमेरिका के बॉस्टन से आए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ सतीष झा सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वक्ताओं ने शिक्षा, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), नवाचार और नेतृत्व के समन्वय पर अपने विचार रखते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में सामूहिक भागीदारी पर बल दिया।
सेमिनार में मौजूद अतिथियों ने रामचंद्र शर्मा के व्याख्यान की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचार शिक्षा, नेतृत्व और सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं। पूरे आयोजन के दौरान संवाद, विचार-विमर्श और अनुभवों के आदान-प्रदान का सकारात्मक वातावरण बना रहा।

