रायगढ़ | जिले में श्रमिकों की सुरक्षा और कारखाना नियमों को लेकर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। उप संचालक राहुल पटेल के नेतृत्व में मई-जून 2026 में किए गए निरीक्षणों के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है।
विभाग द्वारा कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 और उपजीविकाजन्य सुरक्षा संहिता 2020 के उल्लंघन पर लगातार प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं।
श्रम न्यायालय रायगढ़ ने 4 बड़ी कंपनियों को दोषी पाते हुए कुल ₹7,50,000 का अर्थदंड लगाया। मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड – ₹3,00,000, मेसर्स अंजनी स्टील लिमिटेड – ₹2,50,000, मेसर्स मित्तल स्टोन क्रशर – ₹1,50,000, मेसर्स एन.आर. इस्पात एण्ड पावर प्रा.लि. – ₹1,00,000.
इसके अलावा मई और जून 2026 में नियम तोड़ने पर 6 अन्य कारखानों के खिलाफ श्रम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण भी दायर किए गए हैं। मेसर्स अग्रोहा स्टील एंड पावर, पाली- उत्तम कुमार अग्रवाल, मेसर्स जिंदल स्टील लिमिटेड यूनिट-3, खरसिया रोड – देवज्योति रॉय, मेसर्स रायगढ़ साल्वेंट एक्सट्रेक्शन, सहदेवपाली – सरोज कुमार पाथी मेसर्स रायगढ़ इस्पात एण्ड पावर, शिवपुरी व बीपी एक्टीव इंजीकॉन, बिरगांव.मेसर्स शिव शक्ति स्टील लिमिटेड, चक्रधरपुर – श्री संजय घोष व श्री अरविंद मिश्रा, मेसर्स श्री साईं गणेश ट्रेडिंग कंपनी, सराईपाली – प्रेमनाथ सिंह, मेसर्स एमएसपी स्टील एण्ड पावर, जामगांव – प्रदीप कुमार डे.
इन कंपनियों पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, कार्यदशा और कार्य के घंटों में लापरवाही का आरोप है।
उप संचालक राहुल पटेल ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। सभी उद्योग कारखाना अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

