रायगढ़, 26 जून 2026।
रायगढ़ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। खरसिया सिविल अस्पताल में 21 वर्षीय युवक पदुम शर्मा की बवासीर के ऑपरेशन के बाद मौत ने सरकारी अस्पतालों की बदहाली उजागर कर दी है। अब हालात ये हैं कि लोग पाइल्स जैसी आम सर्जरी के लिए भी रायपुर, बिलासपुर या दूसरे बड़े शहरों का रुख करने को मजबूर हैं।
बुधवार को खरसिया निवासी पदुम शर्मा सिविल अस्पताल में बवासीर के इलाज के लिए पहुंचे थे। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। गुरुवार सुबह 10 बजे ऑपरेशन के लिए ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि डेढ़ घंटे बाद डॉक्टर ने बताया कि युवक को होश नहीं आ रहा और उसे रायगढ़ रेफर किया जा रहा है। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता राजन प्रसाद शर्मा का कहना है कि उनका बेटा ऑपरेशन से पहले पूरी तरह स्वस्थ था। सिर्फ बवासीर की दिक्कत थी। गलत इंजेक्शन और एनेस्थीसिया में लापरवाही से जान गई।
सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. विक्रम सिंह राठिया ने माना कि एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन किया गया था। संभवतः मरीज उसे बर्दाश्त नहीं कर पाया। हालत बिगड़ने पर रेफर करने की तैयारी थी, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
परिजनों का हंगामा, 1 करोड़ मुआवजे की मांग
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में 4 घंटे तक हंगामा किया। डॉक्टर और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। परिजन जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई और 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता देखते हुए जिला प्रशासन ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से पोस्टमार्टम टीम को खरसिया रवाना किया है। एसडीएम प्रवीण तिवारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारण स्पष्ट होंगे।
लोगों में दहशत, भरोसा टूटा
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बवासीर जैसी मामूली बीमारी का इलाज भी यहां सुरक्षित नहीं है तो गंभीर बीमारियों में क्या होगा। मजबूरी में अब मरीजों को 150 किमी दूर रायपुर या बिलासपुर के निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय रायगढ़ में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद खरसिया जैसे बड़े ब्लॉक के सिविल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से लोग परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

