रायगढ़। एक 12वीं के छात्र अपने दोस्तों के साथ पंचधारी डेम में नहाने के लिए गया हुआ था, इस दौरान अचानक गहरे पानी में चले जाने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व गोताखोर की टीम मौके पर पहुंची और उसके शव को बाहर निकाली। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के जगतपुर डी-कोट गली कार्मेल स्कूल के सामने निवासी शास्वत गुरु पिता अरुण गुरु (21 वर्ष) 11वीं तक जिंदल स्कूल में पढऩे के बाद इस बाद ओपन में 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। ऐसे में गुरुवार को सुबह उसने अपने इरफान, फरहान और आदि दुबे के साथ सुबह करीब 11 बजे पचधारी डेम में नहाने के लिए घर से निकला था, इस दौरान दोपहर करीब 12 बजे के पास नहाने के दौरान अचानक शास्वत गुरु गहरे पानी में चला गया, इससे डूबने लगा, इस दौरान उसका दोस्त इरफान ने देखा तो शोर मचाते हुए उसे बचाने के जुगत में तीनों दोस्त लग गए, लेकिन देखते ही देखते वह पानी के नीचे चला गया, इससे उसके दोस्तो ने नहीं देखा, ऐसे में उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दिया, इससे कोतवाली पुलिस व गोताखोर की टीम मौके पर पहुंची और शास्वत की खोजबीन शुरू किया, ऐसे में करीब घंटाभर तक तलाश करने के बाद उसका शव गहरे पानी से निकला गया और अस्पताल लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने प्राथमिक जांच में ही मृत घोषित कर दिया। ऐसे में पुलिस ने उसके परिजनों के सूचना दिया, जिससे उनके आने पर मर्ग कायम कर शाम को पीएम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया है।
प्रतिबंध के बाद भी चल रहा छपकछई
उल्लेखनीय है कि गर्मी शुरू होते ही पचधारी डेम में छपकछई शुरू हो गई है। हलाांकि यहां हर साल किसी न किसी की डूबने से मौत होती है, जिसको देखते हुए यहां नहाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, इसके बाद भी लोग नहीं मानते हैं और अब सुबह से ही भीड़ नजर आने लगी है। वहीं पूर्व में यहां पुलिस की ड्यूटी भी रहती थी, लेकिन लगातार लोगों के आगमन होने से अब पुलिस बल की तैनाती भी नहीं रहती है, इसके चलते कुछ लोग नीचे कम पानी में नहाते हैं तो युवा वर्ग गहरे पानी में हर हमेशा मस्ती करते नजर आते हैं, जिसके चलते हर साल यहां एक-दो लोगों की डूबने से मौत होती है।


