रायगढ़। जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन का काला कारोबार अब जानलेवा साबित हो रहा है। नदियों से दिन-रात भारी मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाईवा वाहनों के जरिए अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है, जिससे लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और आम लोगों की जान जा रही है।
बीती रात रेत से लोड एक तेज रफ्तार हाईवा की टक्कर से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है, लेकिन जिम्मेदार माइनिंग विभाग की चुप्पी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
युवा कांग्रेस रायगढ़ शहर जिला अध्यक्ष आशीष जायसवाल ने घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माइनिंग विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेत माफिया और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन का संगठित नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
आशीष जायसवाल ने कहा कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। एक ओर आम जनता महंगे दामों पर रेत खरीदने को मजबूर है, वहीं दूसरी ओर रेत माफिया खुलेआम नदियों का दोहन कर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता या जानबूझकर की जा रही अनदेखी को दर्शाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिन-रात सैकड़ों गाड़ियों से अवैध रेत परिवहन हो रहा है तो जिम्मेदार विभाग को इसकी जानकारी कैसे नहीं है। यदि प्रशासन ईमानदारी से कार्यवाही करे तो यह अवैध कारोबार एक दिन भी नहीं चल सकता।
युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रायगढ़ जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा और रेत माफिया तथा उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष किया जाएगा।
संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकार के राजस्व की चोरी और पर्यावरण की बर्बादी पर रोक लगाई जा सके।


