रायगढ़। पुसौर ब्लॉक में उद्योगों की मार से त्रस्त ग्रामीण अब दहशत में हैं। NTPC लारा प्लांट के बाद अब रूंगटा संस के इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के विस्तार को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का साफ कहना है – NTPC लारा ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी, खेती चौपट कर दी। अब रूंगटा का प्लांट आया तो खून के आंसू रुलाएगा। सबकुछ बर्बाद हो जाएगा।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड के विस्तार के लिए 2 जुलाई 2026 को ग्राम गढ़उमरिया में शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के पास जनसुनवाई तय की है। रूंगटा यहां फेरो अलॉय प्लांट को इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट में बदल रहा है। 50 MW का कैप्टिव पावर प्लांट भी लगेगा। जमीन 2.5 हेक्टेयर से बढ़कर 11 हेक्टेयर होगी।
ग्राम लारा, महलोई, कांडागढ़, बड़गांव, जोरापाली के ग्रामीणों का कहना है कि NTPC लारा की फ्लाई ऐश ने सैकड़ो एकड़ धान की फसल तबाह कर दी। खेत बंजर हो गए। अब रूंगटा का पावर प्लांट और फ्लाई ऐश ब्रिक प्लांट बची-खुची जमीन भी खा जाएगा। NTPC ने 1200 भू-विस्थापितों में 200 को भी ढंग की नौकरी नहीं दी। रूंगटा भी वही करेगा। केलो डैम का पानी काला हो गया। हवा में राख उड़ती है। बच्चे बीमार हैं। रूंगटा के आने से प्रदूषण डबल होगा। पुसौर को ‘धान का कटोरा’ कहते हैं। NTPC ने आधा उजाड़ दिया। रूंगटा पूरा खत्म कर देगा। ग्रामीणों का कहना है हमने NTPC के समय धोखा खाया अस्पताल-स्कूल-नौकरी का वादा करके जमीन ली, फिर भूल गए। अब रूंगटा आया है। अगर ये प्लांट लगा तो हमारे बच्चे खून के आंसू रोएंगे। हम 2 जुलाई को जनसुनवाई में जान लगा देंगे। प्लांट नहीं लगने देंगे।

