रायगढ़ 01 फरवरी 2026/ केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट का रायगढ़ जिले में भव्य स्वागत हुआ है। जिले के जनप्रतिनिधियों, किसानों, युवाओं और व्यापारियों ने इसे ‘मील का पत्थर’ बताते हुए एक दूरदर्शी बजट करार दिया है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ नगर निगम महापौर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की लखपति दीदियों तक, हर चेहरे पर बजट के प्रावधानों को लेकर संतोष और उम्मीद की लहर देखी गई है।
वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि ये बजट 2047 के विकसित भारत की हमारी ऊंची उड़ान का मजबूत आधार है। आज भारत जिस रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, इस बजट से उसे नई ऊर्जा, नई गति मिलेगी। जो पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म किए गए हैं, वो आकांक्षा से भरे हुए भारत के साहसिक, प्रतिभाशाली युवाओं को उड़ने के लिए खुला आसमान देते हैं। नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि ‘विकसित भारत’ की राह में एक मजबूत आधारशिला भी रखता है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल ने बजट को ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए हर जिले में हॉस्टल की स्थापना से महिला शिक्षा और सुरक्षा को नया बल मिलेगा। साथ ही, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और ‘एक जिला एक उत्पाद’ पर फोकस करने से ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। श्रीमती गबेल ने पशुपालन में ऋण सब्सिडी और 500 अमृत सरोवरों के विकास की पहल की भी सराहना की, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
जिले के युवाओं और छात्र वर्ग में भी बजट को लेकर खासा उत्साह है। डिजिटल स्किल्स और एनीमेशन लैब्स की स्थापना के निर्णय का स्वागत करते हुए युवाओं ने कहा कि स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर देने से वे स्वयं उद्यमी बनने की दिशा में अग्रसर हो सकेंगे। इसी तरह, स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए भी यह बजट नई खुशियां लेकर आया है। तमनार विकासखंड की श्रीमती सुरेखा राठिया और रायगढ़ विकासखंड की श्रीमती शिल्पा सोनी ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ योजना का विस्तार और ‘शी मार्ट’ की स्थापना उनके लिए संजीवनी साबित होगी, जिससे स्थानीय उत्पादों को एक बेहतर बाजार और पहचान मिलेगी। बजट की अन्य विशेषताओं की बात करें तो स्वास्थ्य क्षेत्र में बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी।
व्यापारियों के अनुसार, आयकर प्रक्रिया का सरलीकरण और आयात शुल्क में कटौती से मोबाइल, कपड़े, जूते और ईवी बैटरी जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी। सरिया इस्पात पूर्व संघ अध्यक्ष श्री कमल अग्रवाल ने उद्योगों के विकास के लिए की गई पहलों को सराहा है। इसके अलावा, बजट में दिव्यांगजनों के कौशल विकास और सहकारी समितियों को दी गई रियायतों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचने की उम्मीद है। समग्र रूप से, यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार करता नजर आ रहा है।



