रायगढ़। धान खरीदी को कम करने के लिए किसानों पर अनावश्यक दबाव डालकर रकबा समर्पण करवाया जा रहा है। पटवारियों ने आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम शिकायती ज्ञापन सौंपा है। जिसमें अफसरों द्वारा बिक्री नकल जारी करवाने और वीआईपी प्रोटोकॉल का खर्च पटवारियों से वहन करवाने की भी बात कही गई है। राजस्व पटवारी संघ द्वारा कलेक्टर के नाम सौंपे में गए ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान में शासन के मंशानुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य चल रहा है, जिसमें पटवारियों द्वारा भौतिक सत्यापन के दौरान किसानों से यथासंभव रकबा समर्पण कराया जा रहा है। बावजूद इसके उच्चाधिकारियों द्वारा सभी किसानों से अनिवार्य रूप से रकबा समर्पण कराने के दबाव बनाने का आरोप लगाया गया।
संघ ने बताया कि रायगढ़ तहसील के 8 ग्रामों में रिंग रोड बायपास मार्ग हेतु भूमि अर्जन का कार्य चल रहा है। बावजूद इसके, 11 जुलाई 2025 के बाद की खरीदी-बिक्री एवं अंतरण को अमान्य मानते हुए विक्रय नकल जारी करने के निर्देश दिए जाने को लेकर संघ ने नियम विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई गई है।
साथ ही वेतन विसंगति निराकरण हेतु समिति गठन करने की मांग रखी गई है। वहीं रायगढ़ तहसील अंतर्गत पटवारी केशव राठिया के निलंबन को समाप्त कर बहाली की भी मांग की गई है। राज्य शासन द्वारा घोषित शनिवार-रविवार के शासकीय अवकाश का लाभ तहसील पटवारियों को नहीं मिलने का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया गया है।
वीआईपी प्रोटोकॉल का खर्च वहन कर रहे पटवारी
पटवारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायलों को कई पटवारियों द्वारा स्वयं के वहन से नियमानुसार दी जाने वाली 25,000 की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है। जिसके बीते 8 माह से नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई गई है। इसके अलावा प्रोटोकॉल स्पष्ट होने के बावजूद पटवारियों से सर्किट हाउस, रेस्ट हाउस का खर्च वहन कराए जाने को अत्यंत ही खेदजनक बताया गया है। संघ ने इन मदों के लिए पृथक फंड की व्यवस्था की मांग की है।




