रायगढ़, 24 नवम्बर 2025। किसानों की सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए रायगढ़ जिला प्रशासन ने भूअर्जन मुआवज़ा राशि के भुगतान की प्रक्रिया में बड़ा परिवर्तन किया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर अब मुआवज़े की राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए हस्तांतरित की जा रही है। इस नई व्यवस्था ने किसानों को बार-बार कार्यालय और बैंकों की चक्कर-कस्सी से निजात दिला दी है। पहले भूअर्जन की राशि चेक के माध्यम से भुगतान की जाती थी, जिसके चलते किसानों को चेक जमा करने, क्लियरेंस की प्रतीक्षा और बैंक में बार-बार जाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। किसानों की इन परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने 1 अक्टूबर 2025 से डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू की है।
इस अवधि में अब तक 214 किसानों को लगभग 12 करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। प्रशासन की इस पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया से किसान बेहद संतुष्ट हैं। एसडीएम श्री महेश शर्मा ने बताया कि इस डिजिटल प्रणाली से किसानों का समय और पैसा दोनों बच रहा है। उन्होंने बताया कि पहले किसानों को चेक मिलने के बाद उन्हें दूर-दराज़ से बैंक तक जाना पड़ता था। जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया डेढ़ महीने पहले शुरू की गई, जिसके तहत प्रभावित किसानों के आई एफ एस सी कोड, बैंक अकाउंट नंबर और अन्य विवरण एकत्रित कर सीधा भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पटवारी लगातार गांव-गांव जाकर किसानों के बैंक विवरण संकलित कर रहे हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया आसान और तेज़ बन सके। किसानों ने जिला प्रशासन के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान से उन्हें न केवल परेशानी से मुक्ति मिली है, बल्कि पारदर्शिता और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।


