रायगढ़।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ज़िले की तमनार तहसील के मुड़ागांव और सरायटोला गांवों में कोयला खदान स्थापित करने के लिए ग्रामीणों के विरोध के बावजूद अदानी ने गुरुवार को फिर से पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है। इसको लेकर आक्रोश का माहौल पूरे तमनार में दिख रहा है। प्रशासन खुल कर कंपनी की मदद करता दिख रहा है तभी तो इतने विरोध के बाद फिर से कंपनी ने पेड़ों की अंधाधुन कटाई शुरू कर दी है। सूत्रों की माने तो ग्रामीण इसके विरोध में एक बार फिर आंदोलन को मुखर हो रहे है।
बता दें कि इससे पहले अदानी ने 26-27 जून को कम से कम 5,000 पेड़ काटे थे। यह खदान महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड के लिए अडानी समूह द्वारा संचालित की जाएगी।
अनुमान है कि इस खदान से कम से कम 655 मिलियन मीट्रिक टन कोयला प्राप्त होगा, लेकिन परियोजना से 14 गांव सीधे प्रभावित होंगे और इसके लिए लगभग 2,584 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
इसमें से लगभग 215 हेक्टेयर वन भूमि है, जिसमें पेड़ों और अन्य वनस्पतियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। इस क्षेत्र में छह अन्य कोयला खदानें पहले से ही चालू हैं तथा चार और खदानों पर काम चल रहा है।



